प्रतापगढ़। जनपद में कोहड़ौर थाना क्षेत्र के पुरेदयाल गांव का एक युवक अपने पिता की तेरहवीं कार्यक्रम के एक दिन पहले अपने पड़ोसी गांव के घनश्याम उर्फ राजा सरोज उम्र (43 वर्ष)से जबरन काम कराने तथा कार्य के दौरान गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव की रहने वाली यशोदा ने आरोप लगाया है कि बगल गांव पुरेदयाल के कुछ लोगों ने उसके पति के ऊपर जबरन दबाव बनाकर अपने यहां सफाई एवं अन्य कार्य कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि काम करने से मना करने पर उसके पति को जबरन लिववा गए और घर के छत पर बगैर सीढ़ी के ही तख्ते ऊपर चढ़ाकर किसी तरह छत पर चढ़ा दिया गया था। आरोप है कि कार्य के दौरान अचानक असन्तुलित होकर मेरे पति छत से नीचे गिर गए, उन्हें गम्भीर चोटें आईं, उनके रीढ़ व गर्दन की हड्डी टूट गई जिससे वो गम्भीर रूप घायल हो गए। गौरतलब हो कि पीड़ता व उसके परिजनों का कहना है ये घटना 17 जून लगभग 2 बजे दोपहर की है और हम लोगों को शाम साढ़े चार बजे मेरे पति द्वारा फोन कर ये बताया गया कि, मैं छत से नीचे गिरकर बेहोश गया था मुझे गम्भीर चोट लग गई है। पीड़िता ने बताया कि मेरे पति गिरकर बेहोश थे होश में आने के बाद उन्होंने किसी से कहकर फोन कराया और परिवार वालों को बुलाया तब हम लोगों को पता चला ,यही अगर गिरते ही उन्होंने अस्पताल पहुँचा दिया होता या समय से हम लोगों को बता दिया गया होता तो शायद मेरे पति की जान बच जाती।
परिजनों के मुताबिक हादसे के बाद घायल युवक को उपचार के लिए घायल घनश्याम को प्रतापगढ़ स्पर्श अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने उच्च चिकित्सा केंद्र एसआरएन हॉस्पिटल प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब हम लोग घायल घनश्याम को प्रयागराज लेकर पहुँचे तो वहां के चिकित्सकों ने इलाज करते हुए घायल की स्थिति बिगडती देख पीजीआई लखनऊ के रेफर कर दिया गया , विदित हो कि लखनऊ पीजीआई पहुँचते ही घायल घनश्याम ने 22 जून को दम तोड़ दिया,उसके वहां पोस्टमार्टम की प्रकिया 23 को दोपहर में पूरी होते ही शव अपने घर लेकर आ गए,और पुलिस से दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं, मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक मुकदमा नहीं दर्ज किया जाएगा तब तक हम लोग शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। बताते चलें कि मृतक के दो बेटी व दो बेटे हैं, एक बेटी की शादी हो गई,जो अपने ससुराल है बाकी तीन बच्चों व बीबी का रो रोकर बुरा हाल है। बीबी व बच्चे दहाड़े मार मारके रो रहे हैं। विदित हो कि मृतक के परिजनों ने भी बताया कि घनश्याम से तीन चार दिन काम कराया गया न तो उन्हें मजदूरी दी गई और न ही इलाज के लिए कोई आर्थिक सहायता की गई और न ही उन लोगों ने अस्पताल में जाकर देखना व मरने के बाद न ही दरवाजे पर आना उचित समझा, सभी लोग घर में ताला बंद करके फरार हो गए हैं।
विदित हो कि पीड़िता व मृतक के परिजनों ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने तथा न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं घटना को लेकर क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करेगें। बता दें कि मामले की जानकारी होते ही एसओ कोहड़ौर ने मृतक के घर दो बार पहुँचकर परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मृतक के अंतिम संस्कार करने को कहा फिर भी परिजन नहीं मानें, जबकि मृतक घनश्याम को मरे तीन दिन हो चुके हैं फिर भी परिजनों का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध व हम लोगों की जायज मांग पूरी होने पर ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। अब देखना ये है कि उक्त प्रकरण में पुलिस क्या कार्रवाई करती है, और मृतक के परिजनों द्वारा शव का अंतिम संस्कार कब किया जाता है। जिसपर सबकी निगाहें टिकी हैं, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

