मिर्जापुर। जिला कारागार में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से बुधवार को हंगामा मच गया। मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन, डॉक्टरों और पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उन्होंने दावा किया कि कैदी को समय पर उचित इलाज नहीं दिया गया, जिससे उसकी जान चली गई। साथ ही परिजनों ने कटरा कोतवाली पुलिस पर फर्जी तरीके से नशीले पदार्थ का केस लगाकर फंसाने का भी आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि नन्हकू सिंह (59 वर्ष),पुत्र विजय बहादुर सिंह, निवासी चिल्ह थाना चिल्ह को हाल ही में कोतवाली शहर पुलिस ने 20 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। परिजनों ने दावा किया कि यह केस फर्जी था और उन्हें फंसाया गया। जेल में बंदी के दौरान बीमार पड़ने पर भी जेल प्रशासन और डॉक्टरों ने लापरवाही बरती, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। परिजनों ने मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।पुलिस-जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया जेल अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मृतक की मौत का कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने भी मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, नन्हकू सिंह एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी थे, जिनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, लूट, चोरी, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल दस मुकदमे दर्ज थे। 20 ग्राम हेरोइन और एक मोटरसाइकिल (यूपी-63 बीजे-5061) बरामदगी के मामले में उनके खिलाफ कोतवाली शहर थाने में मुकदमा नंबर 98ध्2026 धारा 8ध्21 तथा 25ध्29 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।कारागारों में कैदियों की संदिग्ध मौत के मामले अक्सर विवादास्पद रहते हैं। परिजन आमतौर पर इलाज में देरी या अन्य लापरवाही का आरोप लगाते हैं, जबकि प्रशासन प्राकृतिक कारण या पुरानी बीमारी बताता है। इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग तेज हो गई है।बरामदगी (पुलिस संस्करण) 20 ग्राम अवैध हेरोइन (अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख रुपये) तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। आगे की जांच जारी है।
