कन्नौज । जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद कन्नौज में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 (रबी फसल) के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मक्का खरीद का कार्य दिनांक 15 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा मक्का (कॉमन) का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त 20 रुपये प्रति क्विंटल उतराई एवं छनाई मद में भी देय हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में मक्का खरीद के लिए खाद्य विभाग के कुल 10 क्रय केन्द्र अनुमोदित किए गए हैं, जिनमें तहसील कन्नौज में 01, तहसील तिर्वा में 03 तथा तहसील छिबरामऊ में 06 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में 09 क्रय केन्द्र ऑनलाइन सक्रिय हैं, जबकि शेष 01 केन्द्र पर प्रभारी की तैनाती होते ही उसे भी शीघ्र ऑनलाइन संचालित कर दिया जाएगा।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने किसान भाइयों से अपील की है कि वे खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट बिे.नच.हवअ.पद पर स्वयं अथवा जन सेवा केन्द्र एवं साइबर कैफे के माध्यम से पंजीकरण कराकर योजना का लाभ प्राप्त करें। अब तक जनपद में 1056 किसानों द्वारा मक्का विक्रय हेतु पंजीकरण कराया जा चुका है, जिनमें से 442 किसानों के पंजीकरण का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आज तक जनपद में 66 किसानों से 259.45 मीट्रिक टन मक्का की खरीद की जा चुकी है। इनमें से 44 किसानों को 39.16 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। किसानों को उनकी उपज का भुगतान आधार से लिंक बैंक खाते में पीएफएमएस (च्थ्ड ) के माध्यम से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। मक्का विक्रय अथवा पंजीकरण से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान हेतु किसान जिला खाद्य विपणन अधिकारी, कन्नौज के मोबाइल नम्बर 7007617009 पर संपर्क कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप संचालित “विकसित कृषि संकल्प दृ सघन खेत बचाओ अभियान” एवं “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद कन्नौज में किसानों को कृषि क्षेत्र की नवीन तकनीकों, प्राकृतिक खेती तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु व्यापक जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 10 जून से 24 जून 2026 तक जनपद के विभिन्न ग्रामों में संचालित किया गया।
इसी क्रम में बुधवार को विकासखण्ड छिबरामऊ के ग्राम सरायसुन्दर एवं सलेमपुर, विकासखण्ड सौरिख के ग्राम सलेमपुर रुपालपुर एवं सरायभागमल तथा विकासखण्ड जलालाबाद के ग्राम जसपुरापुर सरैया एवं चन्दपूर्वा में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं लगभग 1965 कृषकों ने सहभागिता कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
उप कृषि निदेशक सन्तोष कुमार ने कृषकों को विभागीय योजनाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं हरी खाद के महत्व, नैनो उर्वरकों के प्रयोग तथा प्राकृतिक खेती की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कृषि लागत कम करने और भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
विकासखण्ड सौरिख के ग्राम सलेमपुर एवं सरायभागमल में आयोजित कार्यक्रम में माननीय राज्यमंत्री श्री कैलाश सिंह राजपूत ने उपस्थित किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। उन्होंने प्राकृतिक एवं गौ-आधारित खेती को बढ़ावा देने पर बल देते हुए किसानों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने हेतु फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं औषधि वितरण, जबकि राजस्व विभाग द्वारा वरासत एवं खतौनी संशोधन संबंधी कार्य संपादित किए गए। कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से किसानों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के वैज्ञानिकों डॉ. अरविन्द कुमार, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. सी.के. राय एवं श्री अभिमन्यु ने किसानों को फसल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन तथा सघन खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर, जागरूक एवं वैज्ञानिक खेती की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।
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