दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के पास अर्जुन मंडल अपने कुछ सहयोगियों के साथ आगामी मुहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की योजना बना रहा है। सूचना पर पुलिस टीम रात में ठिकाने पर छापेमारी के लिए पहुंची। एसपी ने बताया कि दरवाजा खुलवाने के बाद अर्जुन मंडल और उसके परिजनों ने छापेमारी का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस ने बताया कि अर्जुन मंडल के मुंह से शराब की गंध आ रही थी। जब उसे शराब जांच के लिए थाना चलने को कहा गया तो उसने अपने भाई, पत्नी और अन्य परिजनों के साथ मिलकर विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान किसन राम नामक व्यक्ति भी वहां पहुंच गया और सभी पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट करने लगा। एसपी ने बताया घटना में नगर थानाध्यक्ष और एक जवान गंभीर रूप घायल हो गए। गला दबाने से पुलिस की जान पर खतरा आ गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस अर्जुन मंडल और किसन राम पर काबू पाया और दोनों को थाना ले गयी।
थाना में ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच के दौरान दोनों अल्कोहल पॉजिटिव पाए गए। दोनों को सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने शराब सेवन की पुष्टि की। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन मंडल, किसन राम, सुमन मंडल, सोहन मंडल, अर्जुन मंडल की पत्नी तथा उसकी मां समेत छह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है ।अर्जुन मंडल का आपराधिक इतिहास रहा है और कई कांड पूर्व में भी दर्ज है।
नगर थाना में दोनों युवक पर सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर जानलेवा हमला, मारपीट, धमकी, शराब सेवन तथा अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं अर्जुन मंडल की मां वार्ड पार्षद रुम्मी देवी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि आधी रात को दर्जनों पुलिस एक जनप्रतिनिधि के घर बर्बरतापूर्ण कारवाई की है। गिरफ्तार अर्जुन मंडल ने बताया कि हम दोनों को थानाध्यक्ष द्वारा बेरहमी से पीटा गया है। हाथ तोड़ दिया गया।
