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कन्नौज: विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित! जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का दिया गया संदेश


कन्नौज । केंद्र सरकार के सफल एवं जनकल्याणकारी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत आज कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं कृषि प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य, जिलाधिकारी  आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पार्टी जिलाध्यक्ष  वीर सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेंद्र कुमार श्रीवास तथा पूर्व पार्टी जिलाध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह राजपूत ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रिया शाक्य ने कहा कि प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता है। इसका उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती को अपनाने का संकल्प लें तथा अपनी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं, जिनका लाभ किसानों तक निरंतर पहुंच रहा है।

पार्टी जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के प्रयोग से जहां भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, वहीं मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक हो गया है। प्राकृतिक खेती न केवल कम लागत वाली है, बल्कि यह स्वस्थ समाज और समृद्ध कृषि व्यवस्था की आधारशिला भी है।

मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर सूखा, अनियमित वर्षा, भूमि क्षरण एवं पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याओं से काफी हद तक निपटा जा सकता है। उन्होंने किसानों से फसल चक्र अपनाने, मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती को प्रोत्साहित करने, जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने, सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का उपयोग करने तथा फसल अवशेषों को न जलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर है।

पूर्व पार्टी जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में विश्वास, विकास और जनकल्याण के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा में प्राकृतिक खेती का विशेष महत्व रहा है, किंतु समय के साथ रासायनिक खेती पर निर्भरता बढ़ी है, जिसके दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और विकसित भारत के निर्माण में प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा जीवामृत, घन जीवामृत, गौ-आधारित प्राकृतिक खेती, गोबर एवं गोमूत्र के उपयोग, प्राकृतिक कीट नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा कम लागत में अधिक उत्पादन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। किसानों ने विशेषज्ञों के सुझावों को गंभीरता से सुना तथा प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित अतिथियों ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास, कृषि एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा किसानों एवं आमजन को उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं एवं सेवाओं की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधिगण, प्रगतिशील किसान, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे।

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