जानकारी के अनुसार, महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव निवासी 60 वर्षीय रमाशंकर गुप्ता, जो होमगार्ड कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हैं, ने आरोप लगाया है कि उनका मंझला बेटा सर्वेश, जो वर्तमान में बीएसएफ में तैनात है, छुट्टी पर घर आया था। घर आने के बाद उसने पिता पर पुश्तैनी जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने जमीन अपने बेटे के नाम करने से इनकार किया तो सर्वेश का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने लाठी-डंडों से उनकी बेरहमी से पिटाई की और उन्हें सड़क तक घसीटते हुए ले गया। इस दौरान, आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई।
इस पूरी घटना का किसी स्थानीय व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग इस घटना को पारिवारिक विवाद से कहीं आगे बढ़कर बुजुर्ग के साथ क्रूरता का मामला बता रहे हैं।
पीड़ित रमाशंकर गुप्ता का कहना है कि घटना के बाद वह पिछले तीन दिनों से लगातार थाना और पुलिस चौकी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि उनके पूरे शरीर पर मारपीट के निशान हैं, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने बेटे से जान का खतरा है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
