दिल्ली में बारिश की दस्तक! यूपी -बिहार में भारी बरसात और आंधी, बंगाल में रेड अलर्ट
June 29, 2026
देशभर के मौसम में अगले 12 घंटों के भीतर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। एक तरफ जहां असम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य भारी बारिश के बाद बाढ़ का सामना कर रहे हैं, वहीं दिल्ली और राजस्थान में लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने राहत और चेतावनी दोनों जारी करते हुए 15 राज्यों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने का अनुमान है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव की मुख्य वजह तेलंगाना और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम हैं, जो अभी भी काफी सक्रिय हैं।
जिन राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, केरल, तमिलनाडु और असम शामिल है।
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी से बहुत जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने मंगलवार (30 जून) और बुधवार (1 जुलाई) के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। 1 जुलाई के बाद से बारिश की रफ्तार और तेज हो सकती है।
यूपी के कई जिलों में 29 जून को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रयागराज, कानपुर, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), मोरादाबाद और सुल्तानपुर सहित कई इलाकों में तेज बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है।
बिहार के पटना, पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के तेज झोंके चल सकते हैं, जिससे लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान के जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर और कोटा-उदयपुर संभागों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस हफ्ते राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। राजधानी जयपुर में 2 जुलाई से भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जो अगले 4-5 दिनों तक रुक-रुक कर जारी रहेगी।
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे पहाड़ी जिलों में 200 मिलीमीटर तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे पहाड़ों का मैदानी इलाकों से संपर्क टूट गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
