लखनऊ। उत्तर प्रदेश के फार्मासिस्ट संवर्ग के लिए बड़ी खबर है। श्डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशनश् (क्च्त्।), उत्तर प्रदेश के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं से स्वास्थ्य भवन में मुलाकात की। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जे. के. सचान के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में फार्मासिस्टों के पदनाम और वेतनमान में तत्काल संशोधन की मांग को लेकर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन ने भारत सरकार द्वारा जारी हालिया भर्ती गजट नोटिफिकेशन (10 जून 2026) का हवाला देते हुए मांग की है कि केंद्र सरकार के ष्फार्मेसी अधिकारी भर्ती, पदोन्नति और सेवा विनियम, 2025ष् को उत्तर प्रदेश में भी पूरी तरह लागू किया जाए।
इसके तहत फार्मासिस्टों के संवर्ग को अपग्रेड कर 7वें वेतन आयोग के अनुसार निम्नलिखित नए पद देने का आग्रह किया गया है जैसे फार्मेसी अधिकारीरू समूह श्खश्, लेवल-7 (ग्रेड पे ₹4600),वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारीरू समूह श्खश्, लेवल-8 (ग्रेड पे ₹4800),सहायक मुख्य फार्मेसी अधिकारीरू समूह श्खश्, लेवल-9 (ग्रेड पे ₹5400),मुख्य फार्मेसी अधिकारीरू समूह श्कश्, लेवल-10 (ग्रेड पे ₹5400),जिला फार्मेसी अधिकारी ध् उप निदेशक (फार्मेसी)रू समूह श्कश्, लेवल-11 (ग्रेड पे ₹6600),संयुक्त निदेशक (फार्मेसी)रू समूह श्कश्, लेवल-12 (ग्रेड पे ₹7600) ।इसके साथ ही श्दवा सूचना फार्मेसी अधिकारीश् और श्क्लिनिकल फार्मेसी अधिकारीश् (लेवल-8) जैसे विशेषज्ञ पदों के सृजन की भी मांग उठाई गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशक ने एसोसिएशन को आश्वस्त किया कि इस प्रत्यावेदन को त्वरित शासन को आवश्यक कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रदेश अध्यक्ष जे. के. सचान के साथ महामंत्री प्रद्युम्न सिंह, प्रदेश प्रवक्ता व जिला अध्यक्ष (लखनऊ) राजीव कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश के हजारों फार्मासिस्टों के हित में शासन स्तर से जल्द ही शासनादेश जारी होगा। इस पत्र की प्रतिलिपियां मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) को भी सूचनार्थ भेज दी गई हैं।
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