लखनऊ। एक तरफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भीषण गर्मी के मौसम में आम जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने और बिजली की बर्बादी रोकने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी लखनऊ के नगर निगम के लापरवाह अधिकारी और कर्मचारी सरकार की साख पर बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ताजा मामला लखनऊ के शंकरपुर द्वितीय वार्ड का है, जहाँ पिछले कई महीनों से स्ट्रीट लाइटें (सड़क की बत्तियाँ) लगातार 24 घंटे जल रही हैं। दिन के उजाले में भी सैकड़ों लाइटों का जलना नगर निगम के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को साफ बयां कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों में इस घोर लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। वार्ड के निवासियों का कहना है कि रात तो ठीक, लेकिन चिलचिलाती धूप और दिन के उजाले में भी ये लाइटें धड़ल्ले से जलती रहती हैं। एक तरफ जहां आम जनता को बिजली बचाने की नसीहत दी जाती है, वहीं सरकारी तंत्र खुद लाखों यूनिट बिजली की सरेआम बर्बादी कर रहा है।इस बर्बादी से न सिर्फ राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि लगातार जलने के कारण कीमती उपकरण और लाइटें भी समय से पहले खराब हो रही हैं, जिसका बोझ अंततः जनता की जेब पर ही पड़ता है।
स्थानीय जनता का आरोप है कि इस बिजली संकट और बर्बादी के खिलाफ उन्होंने चुप बैठने के बजाय लगातार आवाज उठाई, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा।
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इस गंभीर समस्या की शिकायत नगर निगम के चीफ इंजीनियर (मुख्य अभियंता) से लेकर संबंधित अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियर (अवर अभियंता) तक से कई बार की। लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। बिजली बंद करने के लिए एक अदद कर्मचारी तक भेजने की जहमत किसी अधिकारी ने नहीं उठाई। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम का यह सुस्त और लापरवाह स्टाफ सीधे तौर पर सरकार की फजीहत कराने पर तुला हुआ है।आक्रोषित स्थानीय निवासियों ने कहा कि ष्जब गर्मियों में बिजली की मांग चरम पर होती है और गांवों-कस्बों में कटौती की नौबत आती है, तब राजधानी के एक वीआईपी वार्ड में महीनों तक दिन-रात लाइटें जलना प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। आखिर इस बिजली की बर्बादी का बिल किसकी जेब से भरा जाएगा? लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद नगर निगम के उच्च अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या शंकरपुर द्वितीय वार्ड में बिजली की यह खुली बर्बादी ऐसे ही बदस्तूर जारी रहेगी।
