लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर स्थित होटल रैनेंसा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 8वें वेतन आयोग के अधिकारियों और फार्मासिस्ट संगठन के प्रतिनिधिमंडल के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई।
इस बैठक के लिए वेतन आयोग की ओर से विशेष रूप से फार्मासिस्ट संगठन को आमंत्रित किया गया था। वार्ता के दौरान फार्मासिस्टों की लंबे समय से लंबित मांगों, उनके वेतन विसंगतियों और पदोन्नति के मुद्दों को प्रमुखता से आयोग के सामने रखा गया।डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन (डीपीए) के प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय कुमार पांडेय ने बैठक की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वार्ता बेहद सकारात्मक और सार्थक रही। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष फार्मासिस्टों के वेतन, पदोन्नति और सेवा संबंधी विषयों पर विस्तार से अपना पक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने पुरजोर तरीके से मांग रखी कि फार्मासिस्टों को लेवल 7 (4600 ग्रेड पे) का लाभ दिया जाए। इस मांग के समर्थन में आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण तथ्य और दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए। फार्मासिस्टों के वेतन, पदोन्नति एवं सेवा शर्तों के संबंध में बीते 10 जून को जारी किए गए श्भारत का राजपत्रश् की प्रति भी आयोग को सौंपी गई। राजपत्र में उल्लेखित प्रावधानों पर आयोग के अधिकारियों के साथ बारीकी से चर्चा हुई। वेतन आयोग के अधिकारियों ने फार्मासिस्टों की पूर्व और वर्तमान स्थिति को ध्यान से समझा और उनकी मांगों पर विस्तार से विमर्श किया।
फार्मासिस्टों के हितों की इस अहम लड़ाई में देश और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने हिस्सा लिया। इस उच्च स्तरीय वार्ता में मुख्य रूप से शामिल रहे संदीप बडोला दृ प्रदेश अध्यक्ष, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन,आर.ए. गुप्ता दृ राष्ट्रीय अध्यक्ष, इंडियन हॉस्पिटल फार्मासिस्ट एसोसिएशन,अनिल सचान दृ मुख्य प्रवक्ता, फार्मासिस्ट संगठन
संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि 8वें वेतन आयोग के समक्ष रखे गए इन तथ्यों और राजपत्र के आधार पर फार्मासिस्टों को जल्द ही उनका जायज हक और पदोन्नति के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
