संग्रामपुरः जल स्रोत सूखने से पशु पक्षी बेहाल, प्यासे मरने को मजबूर
June 17, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी का समय रहता है इसमें जंगल में रहने वाले जीव जंतु पानी के लिए दर-दर भटकते नजर आ रही हैं। क्षेत्र में प्रतापगढ़ जिले से निकलकर प्रतापगढ़ जिले में मिलने वाली मालती नदी पूरी तरह सूखी पड़ी हुई है यहां तक की नदी पर बनाए गए लाखों की लागत से चेक डैम भी सूखे पड़े हुए हैं गांव गांव में अमृतसरोवर बनाया गया है तालाब बनाए गए हैं लेकिन सभी सूखे पड़े हुए हैं जिसके कारण सांप बिच्छू पशु पक्षी जंगली जानवर पानी के लिए इधर-उधर भटकते भटकते गांव घरों में दिखाई देने लगे हैं। क्षेत्र वासियों का कहना है कि जल संरक्षण के लिए बनाए गए लाखों की लागत से जल स्रोत बेकार पड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगातार जल संरक्षण को लेकर विभिन्न प्रकार की योजनाएं जमीन पर लाने के प्रयास किया लेकिन इसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण सरकारी पैसा व्यर्थ में व्यय दिखाई दे रहा है। मालती नदी संग्रामपुर क्षेत्र के गोरखापुर, भैरोपुर, इंटौरी, सोनारीकनू, भवसिंहपुर, पतापुर, शुकुलपुर, ठेंगहा, तिवारीपुर, चण्डेरिया, भावलपुर, बनवीरपुर, धौरहरा होते हुए प्रतापगढ़ को निकल जाती है लेकिन लगभग 20 किलोमीटर क्षेत्र में फैली नदी का लाभ किसी को नहीं मिल पा रहा है ना तो जीव जंतु को लाभ हो रहा है ना ही किसानों को भी लाभ हो रहा।
