लखनऊ। अलीगंज के पुरनिया (सेक्टर-डी) स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने कई हँसते-खेलते परिवारों को उम्र भर का गम दे दिया है। इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले युवाओं (सागर पंत, ज्योति, नीलेश कुमार, सुखमणी सिंह और अनुक्षा राई) के परिजनों से मिलने बुधवार को महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार पहुँचे। केजीएमयू में भर्ती घायल जयंत कुमार का हालचाल लेने के साथ ही महापौर ने पीड़ित परिवारों के घर-घर जाकर सांत्वना दी।
इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मासूम जिंदगियों की मौत ने सीधे तौर पर कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी घटना के बाद अब प्रशासन की नींद टूटी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विशेष जांच दल (ैप्ज्) का गठन किया गया है। अब देखना यह है कि क्या एसआईटी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों और दोषियों पर समय रहते कठोर कार्रवाई कर पाती है, या फिर हर बार की तरह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा। पीड़ित परिवार अब सिर्फ और सिर्फ न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
