पीलीभीत। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत जनपद में चलाए जा रहे विशेष अभियान को गति देते हुए बुधवार को विभिन्न भारतीय स्टेट बैंक शाखाओं में विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में पथ विक्रेताओं के लंबित आवेदनों का निस्तारण कर उन्हें ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अभियान का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र रेहड़ी, ठेला, फेरी एवं अन्य छोटे व्यवसाय करने वाले विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उप जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं परियोजना अधिकारी डूडा पवन सिंह ने बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत जनपद में 1 जून से 30 जून 2026 तक एक माह का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस दौरान स्वनिधि महोत्सव, लोक कल्याण मेले तथा विशेष स्वनिधि शिविरों का आयोजन कर पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य ऐसे सभी शहरी पथ विक्रेताओं को योजना से जोड़ना है, जो अभी तक किसी कारणवश लाभ प्राप्त नहीं कर सके हैं। ऐसे विक्रेताओं को नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के माध्यम से आवेदन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही जिन लाभार्थियों ने प्रथम ऋण 15 हजार रुपये, द्वितीय ऋण 25 हजार रुपये तथा तृतीय ऋण 50 हजार रुपये के लिए आवेदन किया है, उनके प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत समय से ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को अतिरिक्त सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। जिन पथ विक्रेताओं ने अपना द्वितीय ऋण पूर्ण रूप से जमा कर दिया है, उन्हें 30 हजार रुपये तक के क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवेदन कराए जा रहे हैं, जिससे वे अपने कारोबार को और अधिक बढ़ा सकें।
बुधवार को आयोजित बैंक शिविरों में कान्त शहर मिशन प्रबंधक तथा राजीव मिश्रा, सामुदायिक आयोजक डूडा पीलीभीत ने बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर बड़ी संख्या में पथ विक्रेताओं के लंबित आवेदनों का निस्तारण कराया। इस दौरान कई लाभार्थियों के ऋण स्वीकृत किए गए तथा पात्र विक्रेताओं को ऋण वितरण भी कराया गया।अधिकारियों ने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यवसायियों को बिना किसी जमानत और अनावश्यक औपचारिकताओं के कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित करने के साथ उसका विस्तार भी कर सकें। योजना के माध्यम से हजारों पथ विक्रेताओं के जीवन स्तर में सुधार आया है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
विशेष बात यह है कि योजना के दूसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत विकास खंड ललौरीखेड़ा की सेंसेस टाउन बराहा क्षेत्र में भी योजना का विस्तार किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के पथ विक्रेताओं को भी सस्ती और सुलभ वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी तथा वे अपने रोजगार को मजबूती प्रदान कर सकेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी पात्र पथ विक्रेताओं से अपील की है कि वे अपने निकटतम नगर निकाय कार्यालय अथवा संबंधित विभाग से संपर्क कर योजना का लाभ प्राप्त करें और आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
