संग्रामपुर: शिवमहापुराण कथा! कार्तिकेय जन्म की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
June 01, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। ग्राम सभा दादा का तारा, मजरे बड़गांव में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन आचार्य शुभम कृष्ण महाराज ने कार्तिकेय चरित्र की कथा सुनाई। शिव-पार्वती पुत्र कार्तिकेय के जन्म और तारकासुर वध का प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद सैकड़ों भक्त भाव-विभोर हो गए।कथा व्यास आचार्य शुभम कृष्ण महाराज ने बताया कि माता पार्वती की कठोर तपस्या और देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव के तेज से छह कृतिकाओं द्वारा कार्तिकेय का जन्म हुआ। छह मुख, बारह भुजाओं वाले कार्तिकेय ने देवसेना के सेनापति बनकर तारकासुर का वध किया। उन्होंने कहा, ष्भगवान कार्तिकेय शौर्य, साहस और धर्म के प्रतीक हैं। इनकी कथा सुनने से शत्रु बाधा दूर होती है।ष्कार्तिकेय जन्म के प्रसंग पर पंडाल में सुंदर झांकी सजाई गई। बाल रूप कार्तिकेय को मोर पर सवार देख श्रद्धालुओं ने ष्जय षडाननष् के जयकारे लगाए। महिलाओं ने भजनों पर नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।छठे दिन की कथा के मुख्य यजमान श्रीमती सुमन सिंह एवं श्री अमर बहादुर सिंह ने सपत्नीक व्यास पूजन कर आरती की। निमित आनंद सिंह भी पूजन में शामिल हुए। यजमान परिवार ने कहा कि गांव में पहली बार इतनी भव्य कथा हो रही है, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया है।कार्यक्रम के अनुसार 2 जून मंगलवार को गणेश चरित्र, हनुमान चरित्र और द्वादश ज्योतिर्लिंग की कथा सुनाई जाएगी। 3 जून बुधवार को हवन, पूजन व पूर्णाहुति के साथ विशाल भंडारे का आयोजन होगा। कथा का समय दोपहर 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक है। आयोजकों ने बताया कि 26 मई को भव्य कलश शोभायात्रा से शुरू हुई कथा में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
