- 30 लाख से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच सचिव के स्थानांतरण आदेश पर सवाल
अमेठी। विकास खंड अमेठी की दरखा ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बीच अब जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने आरोपी सचिव का स्थानांतरण अमेठी से भादर ब्लॉक कर दिया उनका आदेश दिनाँक 30.05.2026 को पत्रांक संख्या 279 के द्वारा किया गया । परन्तु आरोपी सचिव आज भी विकास खण्ड में घूम घूम कर ग्राम पंचायतों का भुगतान कर रहा है, खण्ड विकास अधिकारी द्वारा उसको 12 दिन व्यतीत हो जाने के बाद भी रिलीव नहीं किया गया आदेश की अनदेखी का मामला अमेठी में सुर्खियों में है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्य में धांधली होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो शिकायतों का निस्तारण किया और न ही स्थानांतरण संबंधी आदेशों का पालन कराया। गांव निवासी रामहेत पाल आदि ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में ग्राम पंचायत सचिव अखिलेश तिवारी व प्रधान पर 30 लाख रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
इस संबंध में जब खण्ड विकास अधिकारी से वार्ता की गई तो वो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। वही इस संबंध में जब जिला विकास अधिकारी वीर भानु सिंह से मिलकर वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि स्थानांतरण निरस्त नहीं हुआ है! किन्तु खण्ड विकास अधिकारी बृजेश सिंह अमेठी द्वारा सचिव के जनगणना में ड्यूटी लगी होने के संबंध में व्हाट्सप किया गया है
शिकायत में 12 बिंदुओं का उल्लेख करते हुए बताया था कि 240 हैंडपंपों की मरम्मत पर करीब 18 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। नल चैकी निर्माण, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, स्ट्रीट लाइट, पंचायत भवन में कंप्यूटर व कैमरा खरीद, अन्नपूर्णा भवन निर्माण, ह्यूम पाइप और कायाकल्प योजना के कार्यों में भी धन निकासी के सापेक्ष कार्य पूरे न होने का आरोप लगाया।शिकायत में मनरेगा मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी, इंटरलॉकिंग और सड़क निर्माण अधूरा छोड़ने तथा कूड़ा निस्तारण केंद्र के निष्क्रिय होने की बात भी कही थी। जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह की ओर से जारी आदेश दिनांक 30 मई 2026 पत्रांक 279 में ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश कुमार त्रिपाठी का ब्लाक अमेठी से भादर विकास खंड स्थानांतरण किया गया था, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बाद भी आदेश के पालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब स्थानांतरण आदेशों के अनुपालन पर ही संशय है तो पंचायत से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कैसे होगी।
उधर जब खण्ड विकास अधिकारी अमेठी से दूरभाष पर वार्ता की गई तो उनका कहना है कि संबंधित सचिव की जनगणना में कहीं ड्यूटी नहीं लगी है और न ही मैने इस संबंध में डीडीओ महोदय को कोई व्हाटसअप ही किया है ष् जब बीडीओ से अब तक रिलीब न करने का कारण पूँछा गया तो तो वो समुचित जवाब नहीं दे पाये।
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