मेन स्ट्रीम इंडियन सिनेमा में पहचान बनाना चाहते हैं आदर्श गौरव, राजकुमार राव को बताया अपनी इंस्पिरेशन
June 02, 2026
'एलियन सीजन 2’ और आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में बने आदर्श गौरव ने कहा है कि उनका मकसद सिर्फ एक्टिंग करना नहीं, बल्कि हर बैकग्राउंड के दर्शकों से कनेक्ट करना है. हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जिंदगी, सोच और करियर के नए सफर पर खुलकर बात की.
'द व्हाइट टाइगर' और 'सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव' जैसी इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में काम करके अपनी अलग पहचान बनाने वाले एक्टर आदर्श गौरव का मानना है कि भारतीय मेनस्ट्रीम फिल्मों में मजबूत पहचान बनाना अभी भी उनके करियर का एक बड़ा लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि वो इस चुनौती से पीछे हटने वाले नहीं हैं.
एक्टर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत जैसे डाइवर्सिटी से भरे देश में, जहां भाषा और संस्कृति हर क्षेत्र में बदल जाती है, वहां हर वर्ग के दर्शकों के दिलों तक पहुंचना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी परीक्षा होती है. उन्होंने विश्वास जताया कि अपनी आगामी फिल्मों के जरिए वह देश के कोने-कोने तक पहुंचेंगे और दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल करेंगे.
उन्होंने कहा, 'भारत जैसे देश में ऐसी फिल्म का हिस्सा बनना, जो पूरे देश के लोगों के दिलों को छू जाए, और ऐसा एक्टिंग करना जो हर तरह की बैकग्राउंड के लोगों से जुड़ सके, किसी भी एक्टर के लिए बड़ी चुनौती है. मेरे लिए भी ये एक बड़ी चुनौती है. मुझे उम्मीद है कि मैं ऐसी फिल्में करता रहूंगा, जो ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचें और मुझे अधिक लोगों से जुड़ने का अवसर दें.'
जब उनसे पूछा कि क्या बॉलीवुड में सफलता के लिए केवल टैलेंट ही नहीं, बल्कि धैर्य और किस्मत की भी जरूरत होती है, तो एक्टर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए किस्मत का साथ होना बेहद जरूरी है.
उन्होंने कहा, 'आपकी जान-पहचान कितनी भी अच्छी क्यों न हो, अगर किस्मत आपका साथ नहीं दे रही है तो आप बहुत कुछ नहीं कर सकते. मुझे लगता है कि हम अक्सर इस भ्रम में जीते हैं कि हमारी जिंदगी की हर चीज हमारे कंट्रोल में है, लेकिन ये पूरी तरह सच नहीं है. चुनौतियां हर किसी के सामने आती हैं.'
आदर्श गौरव ने ये भी बताया कि वो अपने सीनियर कलाकारों से क्या सीखते हैं. उन्होंने कहा कि वो एक्टर राजकुमार राव से बहुत इंस्पायर होते हैं.
उन्होंने कहा, 'मैं राज भाई से हमेशा इंस्पायर होता रहता हूं. उनकी एक आदत मुझे बहुत पसंद है. वो हर दिन एक फिल्म जरूर देखते हैं. मेरा मानना है कि एक्टरओं और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए ये बहुत जरूरी है. अलग-अलग तरह की फिल्में देखने से नई दुनियाओं, नए नजरियों और कहानी कहने के अलग-अलग तरीकों को समझने का मौका मिलता है. इससे मुझे काफी इंस्पिरेशन मिलती है और मैं भी ज्यादा से ज्यादा फिल्में देखने की कोशिश करता हूं.'
