प्रतापगढ़/बाबागंज। महेशगंज थाना क्षेत्र के ऐमापुर बिंधन गांव में चारागाह की भूमि पर दो वर्षों तक लगातार मिट्टी की खुदाई कर उसे तालाब का स्वरूप दे दिया गया।हैरत की बात यह है कि लंबे समय तक चले इस अवैध खनन की जानकारी राजस्व विभाग को होने के बावजूद जिम्मेदार राजस्वकर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि गांव के ही दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
ऐमापुर बिंधन गांव में गाटा संख्या 885, रकबा 5.176 हेक्टेयर, चारागाह के खाते में दर्ज है। लेखपाल अभिनव मिश्र द्वारा 1 मई 2026 को की गई जांच में पाया गया कि उक्त गाटा के तीन खंडों में लगभग 1.253 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब सात फीट गहराई तक मिट्टी की खुदाई करके चारागाह को तालाबनुमा बना दिया गया है। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि यह अवैध खनन बीते दो वर्षों के दौरान हुआ।
लेखपाल अभिनव मिश्र ने अपनी आख्या में तत्कालीन लेखपाल विष्णु प्रसाद की तैनाती अवधि में देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपू सिंह एवं राहुल सिंह पुत्रगण राजेंद्र प्रताप सिंह निवासी ऐमापुर बिंधन को मिट्टी खुदाई का जिम्मेदार बताया। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल अभिनव मिश्र की तहरीर पर महेशगंज पुलिस ने दोनों देवेंद्र सिंह एवं राहुल सिंह के विरुद्ध लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 2ध्3 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हालांकि पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब जांच रिपोर्ट में तत्कालीन लेखपाल की तैनाती अवधि में अवैध खनन होने का स्पष्ट उल्लेख है, तो उस लेखपाल के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि चारागाह जैसी सार्वजनिक भूमि पर दो वर्षों तक जेसीबी से खुदाई होना बिना राजस्व विभाग की जानकारी के संभव नहीं है।
जांच में जिम्मेदारी तय होने के बावजूद तत्कालीन लेखपाल को कार्रवाई से बाहर रखने पर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग ने अपने कर्मचारी को पूरे मामलें में बचा लिया है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या नहीं। इस संबंध में एसडीएम कुंडा वाचस्पति सिंह का कहना है कि मिट्टी की खुदाई करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। खनन विभाग द्वारा खुदाई की गई मिट्टी का मूल्यांकन करके नोटिस जारी किया जा चुका है। एक माह के भीतर जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। लेखपाल विष्णु के खिलाफ भी विभागीय जांच जारी है। विष्णु के खिलाफ चार्ज बनाकर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
