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अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक्शन, टिन्नू यादव समेत 8 आरोपियों के घर पुलिस ने की रेड



यूपी के अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज (रविवार को) भी एक्शन हुआ है। पुलिस चंदा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव के घर पर तलाशी लेने पहुंची। साथ ही, आरोपी अविनाश शुक्ला और अनुकल्प मिश्रा के घर भी रेड हुई। पुलिस ने चंदा चोरी के 8 आरोपियों के ठिकानों पर चढ़ावा चोरी के मामले में छापेमारी की और सबूत जुटाए। चढ़ावा चोरी मामले में अब तक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव गिरफ्तार हो चुके हैं।

सभी 8 आरोपियों के यहां सफल छापेमारी हुई। टिन्नू के घर से पुलिस ने कुछ ज्वेलरी और कागजात बरामद किए। कुछ कैश और प्रॉपर्टी के कागजात भी बरामद हुए हैं। सभी आरोपियों के परिवार के बयान दर्ज किए गए। रात में पुलिस तय करेगी कि कल आरोपियों की पुलिस रिमांड ली जाए या नहीं।

'चंदा चोरी' के किरदारों की बात करें तो इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव जैसे कई नाम शामिल हैं। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, चंपत राय का बेहद करीबी थी। मंदिर की हर व्यवस्था में उसका दखल था। चंदे की गिनती प्रक्रिया की देखरेख टिन्नू के हवाले थी। गणना कक्ष और दान पात्रों की चाबी टिन्नू के पास रहती थी। टिन्नू पहले ऑटो चलाता था और उसके पास करोड़ों की संपत्ति है।

आरोपी अनुकल्प मिश्रा की बात करें तो उसकी जिम्मेदारी काउंटिंग रूम में चढ़ावा गिनने की थी। अनुकल्प मिश्रा ने कथित रूप से काउंटिंग रूम से पैसे चुराकर बाथरूम में छिपाए थे। उसने बैंक ले जाते वक्त पैसे की चोरी की थी। उसने चोरी की रकम से लाखों की संपत्ति बनाई। अनुकल्प मिश्रा, आरोपी लवकुश मिश्रा का रिश्तेदार है। अनिल मिश्रा ने अनुकल्प को नौकरी पर रखा था।

वहीं, लवकुश मिश्रा की जिम्मेदारी चढ़ावे और कैश की गिनती की थी। लवकुश मिश्रा पर आरोप है कि उसने चढ़ावे से करोड़ों की नकदी और गहने की चोरी की। लवकुश ने चुराई गई रकम से करोड़ों की संपत्ति बनाई। अपने रिश्तेदार को गिनती के काम में लगाया। लवकुश के घर से 12 लाख रुपये पहले ही बरामद हो चुके हैं। अनिल मिश्रा की सिफारिश पर उसे नौकरी मिली थी।

इसके अलावा, आरोपी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की जिम्मेदारी कैश काउंटिंग स्टाफ के प्रभारी के रूप में थी। सुभाष पर आरोप है कि वह भी चढ़ावे की चोरी में शामिल है। उसने निगरानी में लापरवाही की। सुभाष, अनिल मिश्रा का करीबी बताया जाता है।

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