75 रुपये वाली पार्टी में शामिल होंगे ममता के बागी सांसद
June 15, 2026
ममता बनर्जी की टीएमसी के बागी 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCP) में विलय कर लिया है. पत्रकारों से बात करते हुए तृणमूल बागी गुट के प्रमुख नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने बताया कि वो सभी NCP में शामिल हो गए हैं. इसके तुरंत बाद उन्होंने कहा कि हम असली तृणमूल होने का दावा करेंगे और कौन असली है, इसका फैसला कोर्ट में होगा. शताब्दी रॉय इससे असहमत दिखी क्योंकि उन्होंने तृणमूल के सिंबल पर क्लेम करने की बात नहीं की, लेकिन ये जरूर कहा कि स्पीकर डिसाइड करेंगे.
नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी का नाम लेते हुए सुदीप बंदोपाध्याय सहज नहीं दिखे. उन्होंने पार्टी का परिचय देते हुए उसे मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टी बताया, जबकि इस नाम से जो पार्टी चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड है, वह गैर-मान्यता प्राप्त श्रेणी में है. बता दें कि इसमें वो पार्टियां आती हैं जो नेशनल या स्टेट पार्टी नहीं है और उन्हें कोई तय चुनाव चिह्न नहीं मिलता है.
NCP की तरफ से अबतक कोई आगे नहीं आया है. पार्टी का क्या स्टेटस है और उसके संगठन में कौन-कौन लोग हैं. इन सब चीजों को लेकर कुछ साफ नहीं है. ऐसे में बीजेपी और तृणमूल के बागी गुट के लिए भी आगे का रास्ता आसान नहीं है क्योंकि विलय में कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है.
बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर की वेबसाइट पर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी का कुछ ब्योरा मिलता है. पार्टी ने 2 साल पहले वित्त वर्ष 2022-2023 के लिए फॉर्म 24A और ऑडिटर रिपोर्ट जमा की थी. फॉर्म 24A में पार्टी को मिले चंदों का ब्योरा होता है और इसे इनकम टैक्स में छूट पाने के लिए जमा करना होता है. पार्टी का पूरा नाम है नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया जबकि अनरिकॉग्नाइज्ड स्टेटस शो कर रहा है. पार्टी की पंजीकरण तारीख 20 जनवरी 2023 है और पता है पश्चिम बंगाल का हावड़ा. ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2023 को खत्म वित्त वर्ष के बाद पार्टी के पास सिर्फ 75 रुपये बचे थे.
बता दें कि मोदी सरकार ने 2017 में राजनीतिक पार्टियों के लिए नियम बनाया था कि कैश डोनेशन 2,000 रुपए से ज्यादा नहीं ले सकते. इसके बावजूद NCP ने सभी डोनेशन कैश लिए थे. फॉर्म में किसी का PAN भी नहीं है. रकम बेहद मामूली, मगर कानूनन सही नहीं है. रकम से ज्यादा दूसरे ब्योरों में गंभीर गड़बड़ी दिखती है. फॉर्म 24-A पर पार्टी की अध्यक्ष के रूप में शेवली कुंडू ने हस्ताक्षर किए हैं और उसी फॉर्म में नंबर 8 पर चंदा देने वाले का नाम भी उन्हीं का है.
