जेवर एयरपोर्ट से उड़ी पहली कमर्शियल फ्लाइट, किसान बने पहले यात्री
June 15, 2026
उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आखिरकार उड़ान भर ली. सोमवार को एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट रवाना हुई और इसके साथ ही देश के नागरिक उड्डयन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया. लेकिन इस उद्घाटन की सबसे खास बात सिर्फ विमान सेवा की शुरुआत नहीं थी, बल्कि वे किसान थे, जिन्हें इस परियोजना के लिए अपनी जमीन देने के बदले सम्मान स्वरूप पहली उड़ान का यात्री बनाया गया.
करीब 170 किसान जेवर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हुए. इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जिन्होंने अपने जीवन में पहली बार हवाई जहाज में कदम रखा. कई महिलाओं और बुजुर्ग किसानों के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा था. लखनऊ पहुंचने के बाद इन किसानों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी प्रस्तावित है.
किसान मनोज कुमार की खुशी शब्दों में छलक पड़ी. उन्होंने कहा, "बहुत खुशी है. जब 2014 में सरकार बनी थी मोदी जी के द्वारा तो मोदी जी ने कहा था कि एक हवाई चप्पल पहनने वाला हवाई जहाज की यात्रा करेगा. आने वाले समय में वह दिन आज आ चुका है. बहुत छोटी उम्र से सपना था हमारा, आज वो पूरा हुआ है. बहुत-बहुत धन्यवाद है योगी जी का, मोदी जी का और बीजेपी सरकार का जिन्होंने यह दिन हमें दिखाया."
एक अन्य किसान ने कहा कि वे पहले भी सहमति प्रक्रिया और परियोजना से जुड़े कार्यक्रमों में लखनऊ गए थे, लेकिन यह यात्रा खास है क्योंकि यह जेवर एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान है.
वहीं पहली बार विमान में बैठने जा रहे रथराम शर्मा ने कहा, "हम तो कभी गए ना, अब जा रहे हैं." उनके चेहरे पर उत्सुकता और खुशी दोनों साफ दिखाई दे रही थीं.
महिलाओं में भी उत्साह कम नहीं था. एक महिला यात्री ने कहा, "बहुत खुशी से जा रहे हैं, बहुत अच्छा लग रहा है. बाबा से मिलने को जा रहे हैं." वहीं दूसरी महिला ने पहली उड़ान को लेकर कहा, "डर नहीं लगता, बहुत खुशी है कि पहली बार उड़ के जाएंगे."
जेवर एयरपोर्ट का असर केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं माना जा रहा. रियल एस्टेट और औद्योगिक क्षेत्र भी इसे गेमचेंजर के रूप में देख रहे हैं.
साया ग्रुप के प्रबंध निदेशक विकास भसीन के अनुसार, यह एयरपोर्ट नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगा. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक केंद्र, आईटी पार्क और आर्थिक क्षेत्र रोजगार तथा निवेश के नए अवसर पैदा करेंगे.
जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जश पंचमिया का मानना है कि अब नोएडा को वही रणनीतिक लाभ मिलेगा जो वर्षों से गुरुग्राम को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की वजह से मिलता रहा है. उनके मुताबिक इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) और घर खरीदारों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ेगी.
जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान सिर्फ एक विमान की टेकऑफ नहीं है. यह उन किसानों के सपनों की उड़ान भी है जिन्होंने अपनी जमीन देकर इस परियोजना की नींव रखी. अब यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और निवेश की दिशा बदलने की क्षमता रखने वाला एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनकर उभर रहा है.
