कुंडा/प्रतापगगढ़।मानिकपुर नगर पंचायत में लंबे समय से चल रहे विवादों के बीच अधिशासी अधिकारी ने सख्त कदम उठाते हुए कार्यालय के कामकाज में अनावश्यक हस्तक्षेप करने वाले 5 लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और रुके हुए विकास कार्यों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ईओ ने नगर पालिका संचालन अधिनियम 1996 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि बोर्ड प्रशासन में नगर प्रमुख और निर्वाचित सदस्यों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। आदेश में यह भी कहा गया कि यदि कोई निर्वाचित महिला पदाधिकारी सरकारी कामकाज अपने पति या रिश्तेदारों से करवाती है, तो इसे पद का दुरुपयोग मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी दखल और आपसी खींचतान के कारण मानिकपुर नगर पंचायत में विकास कार्य लंबे समय से ठप पड़े हैं। सड़क, नाली, सफाई और अन्य बुनियादी कार्यों को लेकर लोगों में नाराजगी है।
म्व् की इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या यह कदम मानिकपुर नगर पंचायत को विवादों से निकालकर विकास की पटरी पर ला पाएगा, या जनता को फिर सिर्फ आश्वासन ही मिलेंगे।
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