कोरिया में रेत खनन को लेकर हिंसक झड़प, 3 लोग जिंदा जले
June 18, 2026
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के नौगई गांव में रेत उत्खनन को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं, दो लोगों की हालत गंभीर है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात जिले की सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव में हुई। जानकारी के मुताबिक कोरिया जिले के नौगई क्षेत्र में रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते कहासुनी हिंसक संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने बताया कि कुछ लोग टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी और एक स्कोडा सेडान में सवार होकर जा रहे थे, तभी विरोधी गुट के सदस्यों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने फॉर्च्यूनर को एक टिपर ट्रक से कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और उसके दरवाजे जाम हो गए। इसके कारण उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। बाद में एसयूवी में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि जो लोग वाहन की खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, उन पर भी हमलावरों ने हमला किया।
वाहन में सवार लोगों में से एक भरत सिंह (60) जिंदा जल गए, जबकि फॉर्च्यूनर में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने स्कोडा कार को भी निशाना बनाया और उसमें सवार दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर के अस्पताल भेज दिया गया। सेडान कार में सवार वीरेंद्र प्रताप सिंह (32) को धारदार हथियार से हमले में गंभीर चोटें आई थीं, जिनकी अंबिकापुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। फॉर्च्यूनर में सवार एक अन्य व्यक्ति, नागेंद्र सिंह (53) लगभग 80 प्रतिशत जल गए थे। उनकी इलाज के लिए रायपुर ले जाते समय मौत हो गई। दो अन्य घायलों को रायपुर भेज दिया गया है।
इस मामले में चार आरोपियों (अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हिंसा रेत खनन के कारोबार को लेकर सिंह और त्रिपाठी परिवारों के बीच लंबे समय से जारी रंजिश का नतीजा है। दोनों परिवार मूल रूप से कटगोड़ी से सटे नगोई गांव के निवासी हैं। सिंह परिवार वर्तमान में बैकुंठपुर में रहता है, लेकिन वह कटगोड़ी में रेत खनन और पत्थर तोड़ने का कारोबार करता है।
