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खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे 2 भारतीय प्रतिनिधि


बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री, पवित्रा मार्गेरिटा, भारत सरकार की ओर से सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। ईरानी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार 4 जुलाई से 9 जुलाई के बीच आयोजित किया जाएगा। ईरान ने इसमें शामिल होने के लिए पीएम मोदी को आमंत्रण भेजा था। हालांकि, पीएम मोदी इस अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। खुद जाने की बजाय उन्होंने अपने दो प्रतिनिधि भेजने का फैसला किया है। जनरल सैयद अता हसनैन और पवित्रा मार्गेरिटा को प्रतिनिधि चुना गया है। विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा अप्रैल के महीने में अयातुल्ला अली खामेनेई की स्मृति में आयोजित शोक सभा में भी शामिल हुए थे। ईरानी दूतावास ने खामेनेई के निधन के 40वें दिन (चेहेलुम) पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यह सभा आयोजित की थी।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देश के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया था। राजनयिक सूत्रों ने बुधवार को बताया था कि खामनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ीं रस्में पांच से नौ जुलाई तक होंगी।

खामनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पांच, छह और सात जुलाई को तेहरान और कोम में आयोजित किये जाएंगे, जबकि अंतिम कार्यक्रम नौ जुलाई को मशहद शहर में होगा। खामेनेई ने तीन दशकों तक ईरान पर शासन किया। वह 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में मारे गए थे। दोनों देशों ने मिलकर ईरान पर हमला किया था और लंबे समय तक युद्ध के बाद सीजफायर हुआ।

ईरान के सरकारी टेलीविजन आईआरआईबी ने बताया था कि खामेनेई के जनाजे की नमाज और उन्हें अंतिम विदाई की प्रक्रिया चार से नौ जुलाई के बीच होगी। 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के ईरान पर किए गए संयुक्त हमले में खामेनेई की मौत हो गई थी। बाद में उनके बेटे मोजतबा अली खामेनेई को सर्वोच्च नेता घोषित किया गया। खामेनेई के जनाजे को तेहरान से कुम ले जाया जाएगा, जहां लोग उन्हें अंतिम विदाई देंगे। इसके बाद जनाजे को उनकी जन्मभूमि मशहद ले जाया जाएगा, जहां उन्हें इमाम रजा दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा। फरवरी में हुए हमले में मारे गए खामेनेई की बेटी और दामाद को भी उसी दिन दफनाया जाएगा।

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