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लखनऊ: 2 किलोवाट घरेलू कनेक्शन के लिए वसूले 18600 ! जेई द्वारा 40000 की डिमांड वरना कनेक्शन काटने की धमकी

  • वर्टिकल व्यवस्था के तहत गठित कलेक्शन अनुभाग अपनी कार्यप्रणाली से निरंतर चर्चा में बना रहता है 

लखनऊ । ताजा मामले में एक महिला उपभोक्ता सुषमा निवासिनी पंडित खेड़ा ने आप बीती बताते हुए कहा कि मंत्र 600 स्क्वायर फीट  के प्लाट पर  बड़ी मुश्किल से घर बनवाया  2 किलो वाट केघरेलू कनेक्शन के लिए मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर के बाहर बनी जन सेवा केंद्र दुकानदार द्वारा झटपट पोर्टल पर अप्लाई करने के लिए ₹600 शुल्क₹12000 कनेक्शन का एवं ₹6000 खंभे से घर तक लाने के लिए केवल के लिए वसूले गए कुल 18600 का भुगतान मेरे द्वारा किया गया जेई की कार्यशैली में भ्रष्टाचार की बू।

बड़ा सवाल क्या आवेदन होने के उपरांत सक्षम कार्मिकों द्वारा स्थलीय निरीक्षण नहीं किया गया 

क्या उन्हें साधारण संयोजन एवं प्लाटिंग क्षेत्र में दिए जाने वाले संयोजनों की  विभागीय प्रक्रिया ज्ञात नहीं है ।

किस गणना के आधार पर मात्र 5755 जमा कराकर संयोजन निर्गत कर दिया गया एक अन्य उपभोक्ता द्वारा संयोजन हेतु आवेदन करने पर उसका एस्टीमेट₹70 स्क्वायर फीट के हिसाब से भारी भरकम धनराशि का बना दिया गया। उसके द्वारा की गई पड़ताल में जेई की कारगुजारी उजागर हो गई 

मीडिया में खबरें चलते ही घबराहट में अवर अभियंता द्वारा महिला उपभोक्ता पर दबाव बनाकर तत्काल 40000  जमा करने अन्यथा संयोजन काट देने की बात कही गई। अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहने वाले जेई  आलोक प्रजापति  के बारे में सूत्रों ने बताया  इस प्रकार के तमाम कनेक्शन निर्गत किए गए हैं। 

यही नहीं मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर फुटपाथ पर रखी गुमटी - जन सेवा केंद्र पर भी नगर निगम की मात्र कूड़ा उठाने की रसीद के आधार पर कनेक्शन  निर्गत कर चुके हैं । जबकि इस क्षेत्र से अवैध दुकानों को हटाने के लिए मुख्य अभियंता द्वारा नगर निगम जोन 5 को पत्र लिखा जा चुका है कई बार अतिक्रमण विरोधी दस्ता अपनी कार्यवाही कर चुका है।

मध्यांचल अधिकारियों ने लिया संज्ञानपरेशान महिला दोपहर में अमौसी जोन कार्यालय परिसर पहुंची जहां पर मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया वहीं सूत्रों की माने तो मध्यांचल के कुछ जिम्मेदार अधिकारी ताजा मामले से रूष्ट दिखाई दिए इस प्रकार के भ्रष्टाचार  के दोषियों पर कार्यवाही हेतु कड़े निर्देश जारी कर सकते हैं । जिसमें जांच उपरांत कार्यवाही संभव है।

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