ड्रंक ड्राइविंग, प्रेशर हॉर्न, हूटर-सायरन, मॉडिफाइड साइलेंसर और फर्जी नंबर प्लेट के खिलाफ चला विशेष अभियान, नाबालिग वाहन चालकों पर भी कसा शिकंजा
पीलीभीत। जनपद में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा पुलिस मुख्यालय के आदेशों के अनुपालन में दो दिन जिले के विभिन्न टोल प्लाजाओं पर व्यापक चेकिंग अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 137 चालान किए गए और 5 लाख 12 हजार 500 रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में थाना बीसलपुर, थाना गजरौला और यातायात पुलिस की संयुक्त टीमों ने वाहनों की गहन जांच की। चेकिंग के दौरान विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने, मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करने, प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न लगाने, अवैध हूटर और सायरन का उपयोग करने, नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने तथा फर्जी नंबर प्लेट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नियमों के उल्लंघन पर नजर रखी गई।
अभियान में सबसे अधिक कार्रवाई प्रेशर हॉर्न लगाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ हुई। पुलिस ने ऐसे 56 वाहनों का चालान किया। अधिकारियों का कहना है कि प्रेशर हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आम नागरिकों के साथ-साथ अस्पतालों, स्कूलों और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वाले 23 चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण नशे की हालत में वाहन चलाना है। ऐसे मामलों में सख्ती बरतते हुए संबंधित वाहन चालकों के चालान किए गए। वहीं 24 वाहनों पर अवैध रूप से हूटर और सायरन लगाए जाने पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना अधिकृत अनुमति के किसी भी वाहन में हूटर या सायरन का प्रयोग नियम विरुद्ध है।अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर लगे तीन वाहनों के खिलाफ भी चालान की कार्रवाई की गई। ऐसे साइलेंसरों से निकलने वाली तेज और कर्कश आवाज आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनती है तथा कानून व्यवस्था की दृष्टि से भी इन्हें अनुचित माना जाता है।पुलिस ने नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने के तीन मामले भी पकड़े। अधिकारियों ने अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा कि नाबालिगों को वाहन सौंपना कानूनन अपराध है और इससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे मामलों में वाहन स्वामी और अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।इसके अतिरिक्त फर्जी नंबर प्लेट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले 28 वाहनों का चालान किया गया। पुलिस का कहना है कि एचएसआरपी वाहन की पहचान और सुरक्षा के लिए अनिवार्य है तथा इसकी अनदेखी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि यह अभियान केवल चालान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी इसका उद्देश्य है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, वाहनों में अवैध संशोधन न कराएं और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक का परिचय दें।
पुलिस के अनुसार जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे। इससे नियमों का उल्लंघन करने वालों में कानून का भय बनेगा और आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
