पीलीभीत। नगर के प्रतिष्ठित इकरा पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज में रविवार को मदर्स डे के अवसर पर भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मां के सम्मान में आकर्षक पेंटिंग बनाईं और अपनी भावनाओं को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और भावनात्मक माहौल देखने को मिला। बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने उपस्थित शिक्षकों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां के सम्मान में विशेष संदेश के साथ की गई। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने “डवजीमत’े क्ंल” विषय पर सुंदर एवं रंग-बिरंगी पेंटिंग तैयार कीं। बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग करते हुए मां के प्रेम, त्याग, ममता और संघर्ष को चित्रों में उकेरा। किसी ने मां को भगवान का रूप बताया तो किसी ने मां को जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में दर्शाया। बच्चों की कलाकृतियों में भावनाओं की गहराई और कला का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
विद्यालय में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्राची, मोहम्मद अली, इनाया बी, आजान, अलमीरा खान, तानिया, हूरैन, जुबिया, रिदा हसन, इकरा मुबाशिरा, सूरज, आयान, अरमान, जुनैद, कुंज, अरशान, अतिका, सिमना, मुजदल्फा और शगुफ्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग विषयों पर पेंटिंग बनाकर अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुति और उत्साह ने कार्यक्रम को बेहद आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनकी रचनात्मक सोच की सराहना की। शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में न केवल कला प्रतिभा विकसित होती है, बल्कि उनमें अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना भी मजबूत होती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अखलाक हसन खान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मां बच्चे की पहली शिक्षक होती है। एक मां ही अपने बच्चों को जीवन के शुरुआती संस्कार देती है और उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मां का त्याग, समर्पण और प्रेम अमूल्य होता है, जिसकी तुलना दुनिया की किसी भी चीज से नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों को अपनी मां के महत्व को समझना चाहिए और हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा विद्यालय के लिए गर्व की बात है। इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानाचार्य ने आगे कहा कि विद्यालय समय-समय पर इस तरह के रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़े और वे अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ की भी सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
