बड़ा एक्शन! बैंक लॉकर से करोड़ों के गहने और डॉलर बरामद
May 07, 2026
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत मंगलवार (5 मई 2026) को नासिक के एक बैंक लॉकर से बड़ी मात्रा में कीमती सामान जब्त किया. अधिकारियों के मुताबिक, जब्त सामान में करीब 1.10 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण, 1.89 लाख रुपये के चांदी के सामान और 5,500 अमेरिकी डॉलर शामिल हैं. यह कार्रवाई नासिक के मुंबई नाका स्थित Vishwas Cooperative Bank Ltd की शाखा में की गई, जहां लॉकर नंबर 555 अशोक खारात और उनकी पत्नी कल्पना खारात के संयुक्त नाम पर था. लॉकर को उनकी बेटी सृष्टि खारात की मौजूदगी में खोला गया, जिन्हें इस प्रक्रिया के लिए बुलाया गया था.
अधिकारियों के अनुसार, 13 अप्रैल को खारात के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान लॉकर से जुड़े दस्तावेज मिले थे, जिसके आधार पर बैंक रिकॉर्ड खंगालकर इस लॉकर की पहचान की गई और जांच के दायरे में लिया गया. जब्त सामान में भारी सोने के हार, लंबी चेन, मंगलसूत्र, कंगन, झुमके, पेंडेंट और ब्राइडल चोकर शामिल हैं. इसके अलावा चांदी के पायल, भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां, चांदी के सिक्के और इयररिंग्स भी बरामद हुए हैं.
ईडी के मुताबिक, यह आभूषण और विदेशी मुद्रा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ माने जा रहे हैं. एजेंसी यह जांच कर रही है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल किया गया पैसा हाल ही में सामने आए 70 करोड़ रुपये के घोस्ट अकाउंट नेटवर्क से तो नहीं जुड़ा है. जांच में अब तक अहिल्यानगर और नासिक की दो सहकारी क्रेडिट सोसाइटी में 134 फर्जी खातों का पता चला है, जिनके जरिए 2022 से 2024 के बीच 70 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन किया गया. आरोप है कि खारात ने इन्हीं खातों के जरिए धन को इधर-उधर किया.
छापेमारी के दौरान ईडी ने खारात से जुड़े करीब 2.4 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट भी फ्रीज किए हैं और एक लग्जरी मर्सिडीज-बेंज कार जब्त की है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह कार धमकियों और तथाकथित “दिव्य श्राप” के जरिए वसूली गई थी. इसके अलावा जांच एजेंसी को 70-80 जमीन से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें पुणे, नासिक और सोलापुर की संपत्तियों के कागजात शामिल हैं. इन दस्तावेजों से बेनामी संपत्तियों और बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट निवेश का नेटवर्क सामने आया है, जिसमें नासिक का कमर्शियल ऑफिस, शिरडी का वेडिंग लॉन, सोलापुर और सिन्नर की कृषि जमीन और कर्मयोगी नगर का बंगला शामिल है.
अधिकारियों का कहना है कि इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा परिवार के सदस्यों के नाम पर रखा गया था, ताकि असली मालिकाना हक छिपाया जा सके. कई संपत्तियां पत्नी के नाम पर दर्ज हैं, जबकि कुछ संपत्तियां बेटी सृष्टि खारात से जुड़ी पाई गई हैं. ईडी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
