पीलीभीत। उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध पीलीभीत टाइगर रिजर्व इन दिनों देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। घने साल के जंगल, कल-कल बहती शारदा नदी, प्राकृतिक हरियाली और वन्य जीवों की समृद्ध विविधता यहां आने वाले हर पर्यटक को रोमांच और सुकून का अनूठा अनुभव कराती है। प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और एडवेंचर पसंद लोगों के लिए यह रिजर्व किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जा रहा।
करीब 730 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह टाइगर रिजर्व जैव विविधता का खजाना है। यहां बाघों के अलावा तेंदुआ, हिरण, बारहसिंगा, जंगली सूअर, मगरमच्छ और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। जंगल की हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है।
पर्यटकों के लिए यहां जंगल सफारी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। खुले वाहनों में जंगल के भीतर घूमते हुए पर्यटक वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। सुबह और शाम की सफारी के दौरान बाघों की गतिविधियां देखने को मिल जाती हैं, जिससे पर्यटकों का उत्साह कई गुना बढ़ जाता है।
इसके अलावा पक्षी प्रेमियों के लिए भी यह स्थान बेहद खास माना जाता है। रिजर्व क्षेत्र में अनेक प्रवासी और दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी बर्ड वॉचिंग को यादगार बना देती है। सुबह के समय पक्षियों की मधुर आवाजें और जंगल की ताजा हवा पर्यटकों को प्रकृति से गहराई से जोड़ देती हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य के बीच फोटोग्राफी टूर भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। वन विभाग की ओर से पर्यटकों को प्रकृति और वन्यजीवों की फोटोग्राफी के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जंगल की हरियाली, नदी का शांत किनारा और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां कैमरों में कैद होकर लोगों को रोमांचित कर रही हैं।पर्यटकों को प्रकृति के और अधिक करीब लाने के लिए यहां विशेष प्रकार के आवास भी विकसित किए गए हैं। बांस से बने हट, ट्री हट और पारंपरिक थारू शैली के आवास लोगों को ग्रामीण और प्राकृतिक जीवनशैली का अनूठा अनुभव प्रदान कर रहे हैं। इन हटों में ठहरकर पर्यटक जंगल की खूबसूरती और शांत वातावरण का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। जंगल भ्रमण के दौरान गाइड और वनकर्मियों की टीमें लगातार पर्यटकों की सहायता में मौजूद रहती हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि टाइगर रिजर्व के कारण क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई पहचान मिली है। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ने से ग्रामीणों को भी लाभ मिल रहा है।
प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और शांति का अनूठा संगम समेटे पीलीभीत टाइगर रिजर्व आज हर वन्यजीव और प्रकृति प्रेमी के लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल बन चुका है। जंगल की रहस्यमयी दुनिया, शारदा नदी की शांति और वन्यजीवों की दुर्लभ झलक हर पर्यटक को यहां बार-बार आने के लिए प्रेरित कर रही है।

