रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर लैंड डील मामले में हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत
May 14, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट से रॉबर्ट वाड्रा को शिकोहपुर लैंड डील मामले में फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट की तरफ जारी समन को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान, ED ने रॉबर्ट वाड्रा की याचिका का विरोध किया। ED की ओर से कहा गया कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
प्रवर्तन निदेशालय ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कुछ तथ्यों को छिपाया गया है। वहीं, रॉबर्ट वाड्रा की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई कि जिन प्रेडिकेट ऑफेंस के आधार पर उन पर PMLA लगाया गया, उन्हें कथित घटना के काफी समय बाद PMLA की अनुसूची में शामिल किया गया था।
सुनवाई के बाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को ED की दलीलों पर जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 मई तय की है। फिलहाल, ट्रायल कोर्ट की तरफ से जारी समन के मुताबिक, रॉबर्ट वाड्रा को पेश होना होगा। राउज एवेन्यू कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को 16 मई को पेश होने का समन जारी किया हुआ है।
गुरुग्राम पुलिस की तरफ से 1 सितंबर, 2018 को दर्ज FIR (संख्या 288) के मुताबिक, शिकोहपुर में जमीन जाली दस्तावेजों का प्रयोग कर खरीदी गई थी, और रॉबर्ट वाड्रा पर संपत्ति के लिए व्यावसायिक लाइसेंस पाने के खातिर अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। ईडी ने नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में 11 लोगों और संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। इस चार्जशीट में नामजद लोगों में रॉबर्ट वाड्रा, सत्यानंद याजी, कवल सिंह विर्क, स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

