बीसलपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र में शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज सुनिश्चित करना, छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की पहचान करना तथा उन्हें समय पर टीकाकरण सेवाओं से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आलमगीर ने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि माइक्रोप्लान तैयार करने से क्षेत्रवार टीकाकरण सत्रों की बेहतर योजना बनाई जा सकती है और किसी भी पात्र बच्चे को टीकाकरण से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर सर्वेक्षण करने, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने, टीकाकरण सत्रों की सूची तैयार करने, वैक्सीन एवं अन्य संसाधनों के प्रबंधन तथा नियमित निगरानी संबंधी जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। इसके साथ ही डिजिटल पोर्टल के माध्यम से टीकाकरण संबंधी आंकड़ों को अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम तथा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और टीकाकरण के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करें।
कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ. वीके मिश्रा, अधीक्षक डॉ. आलमगीर, इरफान अली, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक सरफराज अहमद सहित बड़ी संख्या में फील्ड मॉनिटर एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

