बाराबंकीः भूमि अधिग्रहण मोर्चा के प्रतिनिधिमण्डल ने डीएम को सौपा ज्ञापन! सरकारी भूमि एवं ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में अतिक्रमण के जांच की मांग
May 25, 2026
बाराबंकी। भूमि अधिग्रहण मोर्चा के एक प्रतिनिधिमण्डल ने डीएम के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों, सरकारी भूमि शहर के मुख्य पुलों के आस पास और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों के में अतिक्रमण को मुक्त कराने को लेकर मोर्चे के ओम नारायण सिंह व दीपक सिंह के नेतृत्व में डीएम के प्रतिनिधि के माध्यम से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौपकर कठोर कार्यवाही की मांग की। मोर्चे के पदाधिकारियों की मांग है कि अवैध निर्माण और कथित तौर पर कब्जे को लेकर निष्पक्ष जाँच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दिये गये ज्ञापन में मांग की गई है कि छायादृपुलिस लाइन रोड, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, देवा रोड, आलापुर पुल, घंटाघर क्षेत्र, हजारा बाग , जमुरिया पुल, एसपी कार्यालय क्षेत्र, वन कुटी तथा अन्य स्थानों पर विभिन्न प्रकार के अतिक्रमण साथ ही मजारों एवं अवैध निर्माण संबंधी शिकायतें लगातार आम जनमानस की तरफ से मिलती आ रही है।ज्ञापन में रामपुर धाम क्षेत्र की भूमि से जुड़े मामले को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि जमुरिया नाले के पास स्थित यंग स्ट्रीम कमरिया बाग के किनारे जमुरिया नाले के तटवर्ती इलाके में अवैध निर्माण की बात कही । प्रतिनिधिमण्डल ने दिये गये ज्ञापन में बताया कि कि अगर ग्रीन बेल्ट और जलनिकासी क्षेत्र में अवैध निर्माण पर अंकुश समय रहते नही लगाया गया तो भविष्य में जलभराव और बाढ की भयावह स्थिति के संकट से आम जनता को झूझना पड़ सकता है। प्रतिनिधिमण्डल ने निष्पक्ष जाँच कर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा की यदि समय रहते उचित कदम न उठाये गए तो यातायात व्यवस्था और पर्यावरण संकट से दो चार होना पडेगा जिसका सीधा असर आम जनता पर पडेगा साथ ही यह समस्या और जटिल रूप ले सकती है। ज्ञापन देने वालों में विभिन्न सामाजिक संगठन एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर हिन्दू जागरण मंच के अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव, राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग संयोजक इंजी. ललित रस्तोगी, विहिप की तरफ से संजय रावत, धर्मवीर सिंह, सुधाकर, विक्रम सिंह, अभिनव सिंह नरेश कुमार, चाणक्य परिषद से अभिषेक शरण गुप्ता शिवम निगम सहित तमाम लोग मौजूद रहे। मौजूद पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विषयों पर राजस्व अभिलेखों एवं विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे जनहित एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे।

