घोड़े वाले शिक्षक के जज्बे को सलाम, कड़ी धूप में ऐसे पूरा कर रहे जनगणना का काम
May 21, 2026
झारखंड के गढ़वा जिले से एक अनोखी तस्वीर सामने आई है. यहां धुरकी प्रखंड क्षेत्र स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सह हाई स्कूल टाटीदिरी के सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता इन दिनों अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. वो घोड़े पर सवार होकर गांव-गांव पहुंचकर जनगणना कार्य कर रहे हैं. काम के प्रति लगन और देश के प्रति समर्पण हो तो कठिन परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है. गढ़वा के सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता इसी सोच को साकार कर रहे हैं.
मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल और डीजल की कम खपत कर ईंधन बचाने की अपील से प्रेरित होकर उन्होंने जनगणना कार्य के लिए अपने घोड़े 'चेतक' को सवारी बनाया. इससे जहां ईंधन की बचत हो रही है, वहीं गांवों में जनगणना कार्य करने में भी आसानी हो रही है. उन्होंने बताया कि जैसे ही वे घोड़े पर सवार होकर गांव में पहुंचते हैं, ग्रामीण खुद-ब-खुद घरों से बाहर निकल आते हैं, जिससे लोगों को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती और कार्य तेजी से पूरा हो जाता है.
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक पारसनाथ यादव ने कहा कि मुन्ना प्रसाद गुप्ता अपने कार्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों को आसान बनाकर कार्य करना सभी के लिए सीख है. विद्यालय उनके कार्यों से काफी खुश है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है.
टाटीदिरी पंचायत के मुखिया शकुनी राम ने कहा कि मुन्ना प्रसाद गुप्ता पूरे पंचायत क्षेत्र के लिए प्रेरणा हैं. उन्होंने पंचायत के अन्य सरकारी कर्मियों से भी अपील की है कि संसाधनों की कमी के कारण जनता का काम बाधित नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुन्ना प्रसाद के कार्यों से सीख लेकर लोग कठिन परिस्थितियों में भी मिसाल कायम कर सकते हैं.
जिला शिक्षा पदाधिकारी कैशर राजा ने कहा कि मुन्ना प्रसाद गुप्ता अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पूरा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विकट परिस्थितियों में भी कुशलतापूर्वक कार्य करना अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक है. उनकी मेहनत और लगन को सलाम करने की जरूरत है.
भारत सरकार के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जनगणना कार्य की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने प्रधानमंत्री की ईंधन बचत अपील को अपनाते हुए घोड़े का सहारा लिया है. वो गांव-गांव जाकर पूरी जिम्मेदारी के साथ जनगणना कार्य कर रहे हैं. घोड़े पर सवार इस शिक्षक की कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं.

