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भीषण गर्मी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर, केशोपुर मंडी में नींबू हुआ महंगा


दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का स्वाद बिगाड़ दिया है. सब्जियों के दामों में अचानक आई तेजी ने मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर सीधा असर डाला है. हालत यह है कि रोजमर्रा की थाली से हरी और मौसमी सब्जियां धीरे-धीरे गायब होती नजर आ रही हैं.

पश्चिमी दिल्ली की सबसे बड़ी केशोपुर मंडी में सब्जियों के भाव जानने पहुंची एबीपी लाइव की टीम को व्यापारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम और महंगाई बढ़ने की आशंका ज्यादा है.

मंडी में आलू 40 से 55 रुपये प्रति 5 किलो और प्याज 90 से 125 रुपये प्रति 5 किलो के भाव पर बिक रहा है. दोनों के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं. वहीं खीरा, तोरी, बैंगन और घिया जैसी सब्जियों के दाम भी तेजी के साथ ऊपर बने हुए हैं. देशी और चाइनीज खीरा 150 रुपये प्रति 5 किलो, तोरी 150 रुपये प्रति 5 किलो और बैंगन 150 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. घिया 100 से 150 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच चुका है.

गोभी शिमला की कीमत पिछले चार दिनों में बढ़कर 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. आगरा की गोभी 150 से 200 रुपये प्रति 5 किलो बिक रही है. वहीं अरबी 200 से 250 रुपये प्रति 5 किलो के भाव पर बिक रही है. व्यापारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने से पैदावार कम हो रहा है और बाहर से माल मंगाने में ट्रांसपोर्ट खर्च भी तेजी से बढ़ा है.

इस समय टमाटर यूपी और हरियाणा के लटवा, सोनीपत, झिड़का और अमरोहा से मंडियों में पहुंच रहा है. इसकी कीमत 50 से 100 रुपये प्रति 5 किलो बनी हुई है. टमाटर विक्रेता प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी टमाटर 10 रुपये किलो तक बिक रहा है, लेकिन बारिश शुरू होते ही दाम अचानक बढ़ जाते हैं. उनका कहना है कि अगले 10 से 15 दिनों में टमाटर 40 से 60 रुपये किलो तक पहुंच सकता है.

सबसे ज्यादा तेजी नींबू में देखने को मिल रही है. नींबू व्यापारी नीतीश साहनी के मुताबिक 15 दिन पहले मद्रास का नींबू 450 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा था, जो अब बढ़कर 1250 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच गया है. फिलहाल मंडी में जबलपुर, मद्रास, हैदराबाद और मुंबई से नींबू की सप्लाई हो रही है. गर्मी बढ़ने के साथ मांग में तेजी आने से इसके दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं

सब्जी व्यापारियों के मुताबिक टिंडा 200 से 250 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. मटर 200 से 300 रुपये प्रति 5 किलो और विंस 300 से 400 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच चुका है. हरिओम माथुर ने बताया कि शिमला मिर्च 15 दिन पहले 500 रुपये प्रति 5 किलो थी. वहीं व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मूली के दाम भी 250 रुपये प्रति 5 किलो तक जा सकते हैं.

महेंद्र केवट के मुताबिक कर्नाटक का अदरक 750 से 800 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. एक महीने पहले इसकी कीमत 70 से 80 रुपये कम थी. वहीं सब्जी विक्रेता जमील खान ने बताया कि ब्रोकली 500 रुपये प्रति 5 किलो, मशरूम 600 रुपये प्रति 5 किलो और वेलपेपर 600 रुपये प्रति 5 किलो बिक रहा है. हालांकि वेलपेपर के दाम 15 दिन पहले 1250 से 1500 रुपये प्रति 5 किलो तक पहुंच गए थे.

ओम प्रकाश गुप्ता उर्फ बबलू ने बताया कि फिलहाल हरियाणा के तरावड़ी इलाके से आने वाला धनिया 10 से 40 रुपये किलो तक बिक रहा है. लेकिन एक महीने बाद बंगलौर का धनिया आने लगेगा, जिसकी कीमत 150 से 200 रुपये किलो तक पहुंच सकती है. उन्होंने कहा कि बंगलौर का धनिया फ्लाइट से आता है, जिससे उसकी लागत काफी बढ़ जाती है.

व्यापारियों का कहना है कि गर्मी के कारण सब्जियों का उत्पादन घट रहा है. दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है. रवि पोद्दार के मुताबिक दिल्ली की लोकल गोभी की सप्लाई कम हो गई है, जिससे दूसरी जगहों से माल मंगाना पड़ रहा है और कीमतें बढ़ रही हैं. उनका कहना है कि आने वाले समय में लगभग सभी सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं.

हालांकि कुछ सब्जी विक्रेताओं का मानना है कि अभी बाजार में सब्जियों की आवक ज्यादा होने से कीमतें नियंत्रण में हैं. वेदराम ने कहा कि फिलहाल घिया 20 रुपये किलो, खीरा 30 रुपये किलो और गोभी 40 रुपये किलो तक बिक रही है. उनका कहना है कि जुलाई तक सब्जियां सस्ती रह सकती हैं, लेकिन उसके बाद पेट्रोल-डीजल और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से फिर महंगाई बढ़ेगी.

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