पीलीभीत। आज के दौर में जहां लोग अक्सर अपने कामों में व्यस्त होकर दूसरों के दुख-दर्द से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं समाजसेवी अनूप अग्रवाल ने मानवता और सेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर संवेदनशील व्यक्ति का दिल छू लिया।कल देर रात शहर में एक लावारिस मंदबुद्धि व्यक्ति, जिन्हें लोग प्रभु जी के नाम से जानते हैं, बेहद दयनीय अवस्था में मिले। उनके पैरों में गंभीर घाव हो चुके थे और उनमें कीड़े पड़ गए थे। दर्द और संक्रमण के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी समाजसेवी अनूप अग्रवाल को मिली, उन्होंने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर पीड़ित की मदद का जिम्मा उठाया।
समाजसेवी अनूप अग्रवाल ने तत्काल प्रभु जी को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका सूक्ष्म उपचार कराया गया। घावों की सफाई कर दवाइयां दी गईं तथा आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई गई। इलाज के दौरान प्रभु जी की हालत देखकर अस्पताल कर्मी भी भावुक हो उठे।इलाज के बाद अनूप अग्रवाल ने उन्हें सुरक्षित आश्रय दिलाने के उद्देश्य से “अपना घर आश्रम” भरतपुर भिजवाया, ताकि वहां उन्हें नियमित भोजन, देखभाल, उपचार और सम्मानपूर्ण वातावरण मिल सके। इस मानवीय कार्य की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि समाज में ऐसे लोगों की वजह से ही इंसानियत आज भी जिंदा है।
समाजसेवी अनूप अग्रवाल ने कहा कि यह कोई बड़ा कार्य नहीं, बल्कि मानव सेवा और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का छोटा सा प्रयास है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क किनारे रहने वाले असहाय, बीमार और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए। यदि समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति थोड़ी संवेदनशीलता दिखाए, तो कोई भी इंसान इलाज, भोजन और आश्रय के अभाव में तड़पने को मजबूर नहीं होगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सेवा, करुणा और मानवता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। जरूरत है कि हम सभी ऐसे कार्यों से प्रेरणा लें और बेसहारा लोगों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी बनें।

