मेवात से चल रहा था फेक एयरफोर्स साइबर गैंग! दिल्ली पुलिस आरोपियों को दबोचा
May 08, 2026
दिल्ली पुलिस ने मेवात से चल रहा साइबर ठगी के बड़े सिंडिकेट को पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के बदमाश खुद को भारतीय वायुसेना और सेना के अधिकारी बताकर कारोबारियों को लाखों रुपये का चूना लगा रहे थे. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि कई अन्य की तलाश जारी है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक एक कारोबारी ने शिकायत दी कि उसे एयरफोर्स के नाम पर फर्जी खरीद आदेश भेजकर अल्यूमिनस लेटराइट सप्लाई करने के लिए कहा गया. माल भेजने के बाद ठगों ने खुद को एयरफोर्स अधिकारी बताते हुए कहा कि कंपनी का वेंडर रजिस्ट्रेशन नहीं है इसलिए रजिस्ट्रेशन और अकाउंट मैपिंग के नाम पर पैसे जमा कराने होंगे. भरोसे में आकर कारोबारी ने अलग-अलग किस्तों में 5,06,415 जमा करा दिए. बाद में शक होने पर उसने पुलिस से संपर्क किया.
दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की ISC टीम ने तकनीकी विश्लेषण से पता लगाया कि ठगी में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर बुलंदशहर और अलीगढ़ से लिए गए थे. लेकिन ऑपरेट मेवात के नूंह इलाके से हो रहे थे. इसके बाद पुलिस ने यूपी और हरियाणा में छापेमारी कर चार आरोपियों मनीष, कौशल, आमिर उर्फ बुरहान और रिजवान अहमद को गिरफ्तार कर लिया.
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अलग-अलग लोगों के नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते खरीदकर साइबर अपराधियों को सप्लाई करता था. आरोपी अब तक करीब 30 सिम कार्ड और 6 बैंक खाते ठगों को बेच चुके हैं. इन खातों और नंबरों का इस्तेमाल कारोबारी और सप्लायरों को फर्जी सरकारी खरीद आदेश भेजने में किया जाता था. पुलिस के मुताबिक मेवात के कई इलाकों में इस तरह के साइबर गिरोह सक्रिय हैं, जो सेना और एयरफोर्स अधिकारियों की फर्जी पहचान बनाकर लोगों को निशाना बनाते हैं. फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है.
