पीलीभीत। जनपद में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “एक जनपद-एक नदी” अभियान के अंतर्गत गजरौला थाना क्षेत्र स्थित कटना नदी के पुनर्जीवन का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देशन में कटना नदी को गोद लेकर उसके संरक्षण, सफाई, गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। प्रशासन की इस पहल को जनपद में जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन उत्तर प्रदेश एवं नमामि गंगे परियोजना के निर्देशों के क्रम में नदी को पुनर्जीवित करने के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई है। मनरेगा योजना के माध्यम से नदी की सफाई, जलधारा को पुनः सुचारु बनाने, अवरोध हटाने तथा आसपास के क्षेत्र को पर्यावरणीय रूप से विकसित करने का कार्य लगातार जारी है। प्रशासन का उद्देश्य वर्षों से उपेक्षित पड़ी कटना नदी को फिर से जीवन देना और भूजल संरक्षण को मजबूत बनाना है।
नदी क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एपीओ आदर्श कुमार, बीडीओ लियाकत अली, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, सचिव विकास पांडे, रोहित कुमार माथुर तथा ग्राम प्रधान पिच्चतर सिंह सहित अन्य कर्मचारी एवं ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने और अभियान को जनसहभागिता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।अधिकारियों का कहना है कि कटना नदी केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। इसके पुनर्जीवन से भूजल स्तर में सुधार होगा, किसानों को सिंचाई में लाभ मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती प्राप्त होगी। साथ ही नदी किनारे व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए खुशी जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद नदी संरक्षण को लेकर इतने गंभीर प्रयास देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नदी के पुनरुद्धार से क्षेत्र में जल संकट कम होगा और प्राकृतिक संतुलन बेहतर बनेगा।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की इस पहल ने जनपद में पर्यावरण संरक्षण और जल बचाओ अभियान को नई दिशा दी है। प्रशासन का कहना है कि “एक जनपद-एक नदी” अभियान के अंतर्गत भविष्य में भी नदी संरक्षण और पर्यावरण सुधार के कार्य निरंतर जारी है।

