पीलीभीत। जनपद में सरकारी योजनाओं के नाम पर गरीबों के शोषण का मामला सामने आया है। बीसलपुर तहसील क्षेत्र के एक गरीब मजदूर ने कोटेदार पर अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने के नाम पर 6 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
मामला ग्राम इलाहाबांस देवल, बिलसंडा, तहसील बीसलपुर का है। गांव निवासी शिववरण पुत्र स्वर्गीय राम प्रसाद ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह बेहद गरीब मजदूर है और मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके पास न खेती की जमीन है और न ही कोई स्थायी आय का साधन। कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहा परिवार दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि गांव के कोटेदार ने उससे अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने के नाम पर 6 हजार रुपये ले लिए। कोटेदार ने भरोसा दिया था कि कुछ ही समय में राशन कार्ड बन जाएगा और परिवार को सरकारी योजना का लाभ मिलने लगेगा। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी न तो राशन कार्ड बना और न ही रुपये वापस किए गए।
शिकायत पत्र में पीड़ित ने यह भी कहा कि वह कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों के चक्कर लगा चुका है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। गरीब होने के कारण उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। मजदूर ने आरोप लगाया कि अब कोटेदार टालमटोल कर रहा है और रुपये लौटाने से भी इनकार कर रहा है।
पीड़ित शिववरण ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर उसका अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है।
इस घटना ने सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं में यदि इसी तरह वसूली और भ्रष्टाचार होता रहा तो जरूरतमंद लोगों तक सरकारी लाभ पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और गरीब मजदूर को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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