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जज अमन शर्मा सुसाइड केस अब तक पुलिस के हाथ खाली, नाराज परिवार


दक्षिणी दिल्ली के ग्रीन पार्क में जज अमन कुमार शर्मा की आत्महत्या को लगभग एक महीना होने वाला है, लेकिन अब तक इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. जांच की धीमी रफ्तार को लेकर परिवार के भीतर मायूसी है. हालांकि, उन्होंने पुलिस और न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की बात कही है. परिवार का कहना है कि दूसरे चर्चित मामलों में जिस तरह तेजी से कार्रवाई हुई, वैसी तत्परता उन्हें अपने मामले में दिखाई नहीं दे रही.

अमन शर्मा के पिता प्रेम कुमार शर्मा ने vidhankesari.com से बातचीत में कहा कि पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है और वो जांच में पूरा सहयोग भी दे रहे हैं, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होना उन्हें परेशान कर रहा है. परिवार का कहना है कि इतने दिन गुजर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी दिखाई दे रही है. परिवार ने कहा कि पुलिस जब भी बुलाती है, वो हर बार पहुंचते हैं और जो भी दस्तावेज या जानकारी मांगी जाती है, वह उपलब्ध कराई जा रही है. इसके बावजूद अब तक मामले में कोई बड़ा कदम सामने नहीं आया है.

परिवार ने दूसरे चर्चित आत्महत्या मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ट्विशा शर्मा केस में पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर उनके पति को गिरफ्तार कर लिया था. इतना ही नहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आरोपी समर्थ का लाइसेंस तक रद्द कर दिया और उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. परिजनों का कहना है कि उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी थी, जबकि अमन शर्मा केस में अब तक न तो कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही आरोपियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई.

परिवार ने FIR में दर्ज आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में पांच लोग आरोपी हैं. उनके मुताबिक, सबसे बड़ी आरोपी निधि और स्वाति हैं, जबकि उनके माता-पिता और युद्धवीर पर भी सहयोग और आरोपी को बचाने के आरोप लगाए गए हैं. परिवार का कहना है कि FIR में सभी तथ्यों का उल्लेख किया गया है और कोर्ट में बयान भी दर्ज हो चुके हैं. इसके बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

अमन शर्मा के पिता ने भावुक होते हुए कहा कि बेटे की मौत के बाद घर में सिर्फ अंधेरा रह गया है. उन्होंने कहा कि अमन ही उनका सब कुछ था और अब उनके पास कुछ नहीं बचा. उन्होंने कहा कि पुलिस का रवैया अब तक सहयोगात्मक रहा है और वो जांच एजेंसियों के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहते. परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन और कोर्ट से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा.

दक्षिणी दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके में जज अमन कुमार शर्मा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस को इस घटना की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली थी, जिसके बाद सफदरजंग एन्क्लेव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई.

परिजनों के मुताबिक, घटना से एक रात पहले अमन ने रात करीब 10 बजे अपने पिता को फोन किया था. फोन पर उन्होंने बेहद परेशान आवाज में कहा था कि उनका जीना मुश्किल हो गया है. बेटे की बात सुनकर पिता तुरंत अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए और देर रात घर पहुंच गए. परिवार को उम्मीद थी कि बातचीत के जरिए स्थिति संभल जाएगी, लेकिन यह दुखद घटना सामने आ गई.

बता दें कि अमन कुमार शर्मा कड़कड़डूमा कोर्ट में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण यानी DLSA में सचिव के पद पर तैनात थे. सहयोगियों के मुताबिक, वह अपने काम को लेकर बेहद गंभीर और जिम्मेदार अधिकारी माने जाते थे.

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