आगरा। सहकारी समितियों के गोदाम निर्माण में हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जांच रिपोर्ट लंबित रखने वाले सात अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि सहकारी समितियों के गोदाम निर्माण में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। किसान नेताओं द्वारा मामला उठाए जाने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन संबंधित अधिकारी समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर सके।
जिलाधिकारी ने 29 अप्रैल 2026 को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जब तक सभी अधिकारी अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करेंगे, तब तक उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई को घोटाले के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
आरोप हैं कि गोदाम निर्माण में ठेकेदारों को मनमाने तरीके से कार्य दिए गए, निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ तथा कई गोदाम अधूरे छोड़ दिए गए। इससे सरकारी धन के करोड़ों रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही है।
यह योजना किसानों के अनाज और कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण से जुड़ी होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में मामले ने किसानों और स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी थी।
प्रशासन की सख्ती के बाद किसान नेताओं ने फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष हुई तो बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है। साथ ही दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
फिलहाल, पूरे मामले में प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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