आगरा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मा० जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय कुमार मलिक द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश सहित अपर जनपद न्यायाधीशों द्वारा कुल 838 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 8 लाख 71 हजार 900 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। वहीं प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृप्ता चैधरी एवं अतिरिक्त परिवार न्यायालयों द्वारा 58 वादों का निस्तारण किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी नरेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा 71 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्षों को 9 करोड़ 3 लाख 40 हजार 807 रुपये की प्रतिपूर्ति राशि प्रदान की गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज एवं अन्य न्यायालयों द्वारा कुल 8,142 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 1 करोड़ 35 लाख 34 हजार 70 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग, स्थायी लोक अदालत एवं कॉमर्शियल कोर्ट द्वारा 17 वादों का निस्तारण कर 11 लाख 3 हजार 214 रुपये की धनराशि अधिरोपित की गई।
वर्चुअल न्यायालय के माध्यम से 1 लाख 45 हजार 275 मोटर वाहन चालानों का निस्तारण किया गया। वहीं दीवानी कचहरी, तहसील एवं ब्लॉक स्तर, पुलिस आयुक्त कार्यालय, यातायात चालान, ग्रीन गैस लिमिटेड, मोबाइल फोन कंपनियों, बीएसएनएल तथा विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से जुड़े कुल 3 लाख 94 हजार 671 वादों का निस्तारण किया गया।
प्री-लिटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, यूको बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त सहित विभिन्न बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों के 979 वादों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, जिनकी कुल समझौता राशि 9 करोड़ 4 लाख 35 हजार रुपये रही।
लोक अदालत में आमजन की सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र स्थापित किए गए, जहां अधिवक्ताओं एवं पराविधिक स्वयंसेवकों की तैनाती की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सीय हेल्प डेस्क भी लगाई गई, जहां पक्षकारों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जनपद आगरा में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर कुल 5 लाख 50 हजार 51 वादों का निस्तारण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न न्यायिक अधिकारी, बैंक एवं मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, वादकारी, पत्रकार, मीडियाकर्मी, पराविधिक स्वयंसेवक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
