रुद्रपुर । रुद्रपुर में बंगाली समाज के आरक्षण एवं अधिकारों को लेकर चल रहे अनिश्चितकाल धरने के तीसरे दिन आंदोलन ने एक नया रूप ले लिया, जब विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और समाजसेवियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया। यह आंदोलन सुब्रत कुमार विश्वास के नेतृत्व में लगातार जारी है, जिसमें बंगाली समाज के अधिकार, आरक्षण तथा पूरे भारतवर्ष में “एक देश एक कानून” की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।
धरना स्थल पर पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, बंगाली कल्याण समिति के प्रदेश महासचिव नारायण हालदार, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता हालदार, वरिष्ठ समाजसेवी एवं युवा नेता किशोर हालदार, इंकलाब मजदूर केंद्र के उपसचिव दिनेश भट्ट, युवा नेता बिट्टू माझी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने बंगाली समाज के आरक्षण आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि अब समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए तैयार है।
धरने के दौरान आयोजित गोष्ठी में बंगाली समाज के सामने आ रही समस्याओं, आरक्षण के मुद्दे तथा भारत के विभिन्न राज्यों में बंगाली समाज के साथ हो रहे भेदभाव और उत्पीड़न को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बंगाली समाज को आज भी अपने मूल अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि देश के विकास और स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाली समाज का योगदान ऐतिहासिक रहा है। इसके बावजूद समाज को बार-बार उपेक्षा और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाली समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहा है और यह आंदोलन पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने कहा कि सुब्रत कुमार विश्वास लगातार समाज के हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
वहीं बंगाली कल्याण समिति के प्रदेश महासचिव नारायण हालदार ने कहा कि बंगाली समाज के अधिकारों की लड़ाई अब केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह पूरे भारतवर्ष में रहने वाले बंगाली समाज की आवाज बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सुब्रत विश्वास लगातार विभिन्न राज्यों में जाकर बंगाली समाज के अधिकारों और आरक्षण की मांग को मजबूती से उठा रहे हैं, जिसके लिए पूरा समाज उनका आभारी है।
महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता हालदार ने कहा कि बंगाली समाज की महिलाओं ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण समाज का अधिकार है और इसे हर हाल में लागू कराया जाना चाहिए। उन्होंने समाज के सभी लोगों से अपील की कि वे आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे मजबूत बनाएं।
धरना स्थल पर मौजूद सभी वक्ताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि वर्ष 2027 से पहले बंगाली समाज को आरक्षण नहीं दिया गया, तो आने वाले चुनावों में सरकार का खुलकर बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब समाज चुप नहीं बैठेगा और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन को और तेज करेगा।
आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की कि बंगाली समाज के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक पिछड़ेपन को देखते हुए आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाए तथा पूरे देश में बंगाली समाज के लिए समान कानून और समान अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। सभा के अंत में समाज के सभी लोगों से अपील की गई कि वे जाति, क्षेत्र और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर समाज के अधिकारों की इस लड़ाई में एकजुट होकर भाग लें।

