लखनऊ। आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 को लेकर बुधवार को संगम सभागार में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लखनऊ को स्वच्छता रैंकिंग में तीसरे स्थान से प्रथम स्थान तक पहुंचाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि लखनऊ ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अब लक्ष्य देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना होना चाहिए। इसके लिए यह समीक्षा आवश्यक है कि किन प्रयासों से शहर शीर्ष तीन में पहुंचा और किन कमियों को दूर कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शहर में कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए। सीवेज से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा अस्पतालों, होटलों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। साथ ही स्कूलों में कायाकल्प कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने एवं शिकायत निस्तारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है। उन्होंने पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में मोहल्ला सभाओं, समितियों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि लखनऊ को स्वच्छता में देश का अग्रणी शहर बनाने के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। महापौर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए और नगर निगम के प्रयासों में सहयोग करे।
बैठक में भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चरनजीत गांधी, कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षदगण, नगर आयुक्त गौरव कुमार, समस्त अपर नगर आयुक्त तथा नगर निगम के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

