पीलीभीत। जनपद में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना जहानाबाद पुलिस को शनिवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने ग्राम अकबरगंज स्थित गीता पेट्रोल पंप के समीप चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित नशीली दवा अल्प्राजोलम की भारी खेप के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से एक लाख बीस हजार अल्प्राजोलम टैबलेट, दो कारें, 54 हजार 550 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और आठ एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामद टैबलेट की मात्रा और नेटवर्क को देखते हुए पुलिस इसे जिले में हाल के समय की बड़ी कार्रवाई मान रही है।पुलिस के अनुसार शनिवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अकबरगंज स्थित गीता पेट्रोल पंप से कुछ दूरी पर सड़क किनारे दो कारें खड़ी हैं और कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना में यह भी बताया गया कि कारों में नशीली दवाओं की बड़ी खेप मौजूद है और सौदेबाजी को लेकर आपसी विवाद चल रहा है। सूचना मिलते ही थाना जहानाबाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दी।पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि सफेद रंग की कार के पास तीन व्यक्ति कार्टून में भरे डिब्बों को लेकर आपस में बातचीत और पैसों का लेन-देन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को देखकर दो आरोपी तेजी से स्विफ्ट डिजायर कार में बैठ गए, जबकि तीसरा आरोपी कार्टून को आई-20 कार में रखने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को मौके से दबोच लिया।
तलाशी के दौरान कार्टूनों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुईं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि टैबलेट की खेप फुरकान को 50 हजार रुपये में बेची गई थी और सौदा लगभग पूरा हो चुका था। आरोपी वहां से निकलने ही वाले थे कि पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखविंदर सिंह, ओमकार मिश्रा और फुरकान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि लखविंदर सिंह मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले का निवासी है और वर्तमान में लखीमपुर खीरी के पलिया कलां देहात क्षेत्र में रह रहा था। दूसरा आरोपी ओमकार मिश्रा भी लखीमपुर खीरी के पलिया कलां का निवासी है, जबकि तीसरा आरोपी फुरकान पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र के गांव करगैना का रहने वाला है।
बरामदगी में पुलिस ने कुल 1 लाख 20 हजार अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं। इसके अलावा दो कारें, 54 हजार 550 रुपये नगद, तीन मोबाइल फोन और आठ एटीएम कार्ड भी कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से नशीली दवाओं की तस्करी में सक्रिय थे और इनके तार कई जिलों से जुड़े हो सकते हैं। बरामद एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन से आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में अल्प्राजोलम कहां से लाई गई थी और किन-किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।जिले में लगातार बढ़ते नशे के कारोबार के बीच जहानाबाद पुलिस की यह कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि नशा तस्कर युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
