संग्रामपुर: कथा के दौरान नारायण - नारायण के जयघोष से वातावरण हुआ भक्ति मय
April 06, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। भवसिंहपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद चरित्र नृसिंह अवतार, ध्रुव चरित्र, समुद्र मंथन और कपिल -देवाहति सवांद जैसे प्रेरक प्रसंगों का वर्णन करते हुए कथावाचक विनीति जी महाराज हिरण्यकश्यप के अत्याचारों के प्रसंग मे बताया कि इतना अत्याचार प्रहलाद जी पर हुआ लेकिन कठिन परिस्थितियों में उन्होंने नारायण का नाम लेना नहीं छोड़ा और भगवान नरसिंह अवतार लेकर कर हिरण्यकश्यप का संहार किये ।कथा वाचक ने ध्रुव चरित्र की कथा के माध्यम से बताया कि दृढ़ निश्चय व सच्ची भक्ति प्राप्त करने वाले 5 वर्षीय ध्रुव को भगवान की प्राप्ति हुई। समुद्र मंथन की कथा में देव - दानवों द्वारा अमृत प्राप्त के लिए मंथन का वर्णन करते हुए कथा वाचक विनीति जी महराज ने बताया कि इस प्रसंग से हमें यह ज्ञान होना चाहिए कि जीवन में धैर्य और संघर्ष से ही सफलता मिलती है।इसी प्रकार कथा वाचक साख्य योग और भगवान कपिल के प्राकट्य की कथा सुनाई साथ ही ज्ञान और वैराग्य को जगाने के लिए भागवत महापुराण को सुनने का मार्ग बताया।आज के तीसरे दिन की कथा में नारायण -नारायण के जयघोष से पूरा पंडाल भक्ति मय बना रहा । तीसरे दिन की कथा में मुख्य यजमान अवधेश बहादुर सिंह,अजय कुमार सिंह,गया बक्स सिंह,पवन कुमार सिंह दीपू सिंह सहित क्षेत्र के सैकड़ो लोगों ने भागवत कथा के तीसरे दिन की कथा का रसपान किया।
