पीलीभीत। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की इकाई एपिडा को बासमती निर्यात विकास केंद्र स्थापित करने के लिए आवंटित सात एकड़ भूमि का बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने स्थलीय निरीक्षण किया। यह भूमि देश के दूसरे बासमती निर्यात विकास केंद्र के रूप में विकसित की जा रही है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रस्तावित केंद्र के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए तथा किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पीलीभीत के सांसद और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की पहल पर जनपद को बासमती उत्पादन का देश का दूसरा केंद्र मिलने जा रहा है, जिससे यह क्षेत्र बासमती निर्यात के वैश्विक मानचित्र पर उभरकर सामने आएगा।
उन्होंने कहा कि इस केंद्र की स्थापना से विदेशी बासमती निर्यातकों का ध्यान पीलीभीत की ओर आकर्षित होगा। साथ ही किसानों को उच्च उपज देने वाली बासमती की नई प्रजातियां सीधे उपलब्ध होंगी, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी।
विधायक ने कहा कि इस परियोजना से पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के द्वार खुलेंगे और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। कृषि विभाग की हाईटेक नर्सरी का निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने राज्यमंत्री के जिला प्रतिनिधि कपिल अग्रवाल के साथ कृषि विभाग की हाईटेक नर्सरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां तैयार किए जा रहे पौधों की जानकारी विस्तार से प्राप्त की और तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस अवसर पर आए किसान प्रतिनिधिमंडल ने बलविंदर सिंह बरार के नेतृत्व में टांडा क्षेत्र में इस परियोजना को स्थापित किए जाने पर केंद्रीय मंत्री और विधायक का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री महादेव गाइन, न्यूरिया मंडल अध्यक्ष महेंद्र राजपूत, जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल सिंह, प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी रामेश्वर दयाल गंगवार, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एस. एस. ढाका, मनजिंदर सिंह, ललित पटेल, राजेंद्र बरार, प्रमोद भास्कर, डालचंद्र, हुजूर सिंह, प्रतिपाल सिंह, बलविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और क्षेत्रीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
