प्रतापगढ।जिले के कोहंडौर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया है कि डायल 112 पुलिस की मौजूदगी में उसके घर से कीमती जेवरात और शादी का सामान जबरन समेटकर ले जाया गया। पीड़िता ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
कोहंडौर थाना क्षेत्र के सरौली शेखान गांव निवासी अखतरुननिशा पत्नी मुस्ताक आलम ने पुलिस को दिए तहरीर में आरोप लगाया है कि गुरुवार 2 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 3 बजे वह अपने घर में मौजूद थी। इसी दौरान उसकी बहू साजिया अख्तरी कुछ लोगों के साथ घर पहुंची।
पीड़िता का आरोप है कि उसकी बहू अपने साथ कुछ व्यक्तियों सहित 112 के पुलिसकर्मियों को भी लेकर आई थी। आरोप है कि साजिया के साथ आए व्यक्तियों ने पुलिस की मौजूदगी में सभी लोगों ने घर में घुसकर परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर कर दिया और घर में रखा कीमती जेवरात व बेटी और छोटे बेटे की शादी के लिए बनवाए गए गहनों को समेटकर अपने साथ ले गए।
महिला का कहना है कि जब उसने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से इस बारे में सवाल किया तो उन्हें बताया गया कि सारा सामान थाने पर खोलकर दिखाया जाएगा। लेकिन बाद में आरोपी सामान लेकर मौके से फरार हो गए और साथ आई पुलिस भी जो कि साजिश में शामिल थी, कहीं चली गईं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि रात करीब 10 बजे उसके पति के मोबाइल पर फोन कर शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना से पूरा परिवार भयभीत और परेशान है।
पीड़िता ने पूरी घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद कर लिया है।उसने शनिवार को तहसील दिवस पर उच्चाधिकारियों से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उसका सामान वापस दिलाने की मांग की है। उक्त पूरे प्रकरण के बाबत कोहड़ौर एसओ से पूछे जाने पर उन्होंने बताया है कि मामला जानकारी में है, सास बहू का मामला है ,जो आरोप लगाया जा रहा है वो सब फर्जी है। गौरतलब हो कि इस पूरे मामले ने एक बार फिर पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं ?।
