प्रतापगढ़। जिले में रविवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय मीराभवन पर ऋषि मुनियों श्रेष्ठ महर्षि कश्यप एवं श्रंगवेरपुर के राजा निषादराज गुह्य की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। तत्पश्चात गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष आशुतोष पाण्डेय व संचालन पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष मनीष पाल ने किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऋषि महर्षि कश्यप एक वैदिक ऋषि थे। जो ब्रह्मा जी के पुत्र महर्षि मरीची के पुत्र थे। महाराजा निषादराज गुह्य श्रृंगवेरपुर के राजा थे। वे भगवान श्रीराम के अनन्य मित्र और भक्त थे। जब प्रभु श्रीराम वनवास जा रहे थे तब निषादराज ने अपने राज्य में उनका स्वागत किया और अपनी नाव से उन्हें गंगा नदी पार करायी थी। और प्रभु श्रीराम जी वनवास की पहली रात निषादराज के घर एक पेड़ के नीचे बिताई। प्रभु श्रीराम वनवास से लौटने के बाद अपने राज्याभिषेक के लिए जिन लोगों को स्वयं निमंत्रण भेजा था, उनमें निषादराज प्रमुख थे। निषाद समाज, मल्लाह, केवट, बिंद, धीवर, कश्यप, कहार उन्हें अपना पूर्वज मानते हैं। दोनों महापुरुषों का जीवन दर्शन मानवता के लिए प्रेरणादायक है।
उक्त अवसर पर वरिष्ठ नेता अनिल यादव, जिला उपाध्यक्ष जावेद अख्तर, कोषाध्यक्ष अश्वनी सोनी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रामबहादुर पटेल, नगर अध्यक्ष निसार अहमद, अनिल मौर्या, विकास यादव, विजय गौतम, अनिल श्रीवास्तव, विक्रांत सरोज, अरविंद सोनी, प्रेम यादव, सोनू यादव, प्रवेश मौर्या, राजेश यादव, प्रदीप यादव सहित अन्य नेतागण उपस्थित रहे।
