बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति, निर्माण कार्यों और योजनाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। कई विभागों की धीमी प्रगति, खराब रैंकिंग और निर्माण कार्यों में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास योजनाओं में किसी भी स्तर की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले में कोई भी स्कूल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ऐसा न रहे, जहां प्रकाश व्यवस्था, संपर्क मार्ग अथवा अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सांसद निधि, विधायक निधि एवं क्रिटिकल कैप्स योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा लंबित टेंडर प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराने पर भी जोर दिया।
सीएम डैशबोर्ड में कई योजनाओं की कमजोर रैंकिंग पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। पीएम सूर्य घर योजना, जननी सुरक्षा योजना और पोषण अभियान में जिले को ‘सी’ रैंकिंग मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। फैमिली आईडी की ‘बी’ रैंकिंग को ‘ए’ श्रेणी में लाने का लक्ष्य तय किया गया। सेतु निर्माण में ‘डी’ रैंकिंग और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में ‘सी’ रैंकिंग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तेजी से प्रगति करने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों की सीएमआईएस रैंकिंग में सुधार के लिए लगातार मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश प्रोजेक्टर्स कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा पुलिस लाइन में 150 पुलिसकर्मियों के लिए बनाए जा रहे हॉस्टल बैरक की अत्यंत धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई। वहीं, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा सीएचसी मनियर के निर्माण में देरी को गंभीर लापरवाही मानते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 5.02 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य पूरा न होना अस्वीकार्य है।
जिलाधिकारी ने जिले की सभी विलंबित योजनाओं की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाह कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही दोषी एजेंसियों पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा कर जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए ठोस और परिणामकारी प्रयास किए जाएं।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन, जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
