बलिया। घाटों पर बढ़ती भीड़ और नावों के बढ़ते संचालन के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मुण्डन संस्कार (ओहार) के दौरान संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए पंजीकृत नावों के संचालन, लाइफ जैकेट की अनिवार्यता और क्षमता से अधिक यात्रियों के बैठाने पर सख्त रोक के निर्देश दिए हैं।
बलिया। गंगा और सरयू नदी के घाटों पर इन दिनों मुण्डन संस्कार (ओहार) के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। बड़ी संख्या में लोग नावों के माध्यम से नदी पार कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इसी को देखते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नाव सुरक्षा को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकृत नावों को ही संचालन की अनुमति होगी। अपंजीकृत नावों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाव की नियमित सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी तथा नाव पर उसकी अधिकतम क्षमता, नाविक और मालिक का नाम तथा अंतिम जांच की तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा।
डीएम ने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक नाव पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा। नाविकों और यात्रियों दोनों के लिए लाइफ जैकेट पहनना जरूरी किया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में जनहानि की आशंका न्यूनतम हो।
प्रशासन ने नाव संचालन के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग और सेल्फी लेने पर भी रोक लगाई है। जिलाधिकारी ने कहा कि अक्सर लापरवाही और असावधानी दुर्घटनाओं का कारण बनती है, इसलिए ऐसे जोखिमपूर्ण व्यवहार को सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा। खराब मौसम, तेज हवा अथवा प्रतिकूल परिस्थितियों में नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसके साथ ही नदी किनारे होने वाले किसी भी धार्मिक या सामाजिक आयोजन से पहले संबंधित थाने को पूर्व सूचना देना अनिवार्य किया गया है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को घाटों पर निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा मानकों का पालन कराने तथा जरूरत पड़ने पर त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। मुण्डन सीजन के दौरान घाटों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
