बीसलपुर। ग्राम सरौरी में आध्यात्मिक चेतना जन-जागरण अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति को लेकर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य गांव के लोगों, विशेषकर युवाओं और बच्चों को नशे की बुरी आदतों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया।
यह अभियान आध्यात्मिक संत ए.के. अवस्थी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न गांवों में लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में सरौरी गांव में निकाली गई यह रैली गांव के मुख्य चैराहे से शुरू होकर विभिन्न गलियों और मार्गों से गुजरते हुए पुनः गांव के अंदर पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान ग्रामीणों ने “नशा छोड़ो, जीवन संवारो” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
रैली का नेतृत्व कर रहे संत ए.के. अवस्थी ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। यह न केवल व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को कमजोर करता है, बल्कि उसके स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारियां भी जन्म लेती हैं, जो अंततः जीवन के लिए खतरा बन जाती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल कम उम्र के बच्चे भी पान, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। समाज के सभी लोगों को मिलकर इस बुराई के खिलाफ आवाज उठानी होगी और अपने घर-परिवार के साथ-साथ गांव के अन्य लोगों को भी जागरूक करना होगा।
कार्यक्रम में ज्ञानी वर्मा, डॉ. प्रेम पाल वर्मा, बाबूराम, शालिकराम, राम पाल सहित कई गणमान्य ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने एक स्वर में नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया, जिसके साथ ही यह जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने इस तरह के आयोजनों को आगे भी जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि समाज को नशे जैसी बुराई से मुक्त किया जा सके।
.jpg)